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झारखंड: कोयला कारोबारियों से वसूली मामले में 12 को सजा, पांच दोषियों को 10 साल का कारावास

Tue, 18 Aug 2026 10:20 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

झारखंड के चतरा स्थित अम्रपाली-मगध कोयला क्षेत्र में जबरन वसूली रैकेट चलाने के मामले में रांची की विशेष एनआईए अदालत ने 12 दोषियों को सजा सुनाई है। दोषी प्रतिबंधित माओवादी संगठन टीपीसी के लिए लेवी वसूलते थे।
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झारखंड के कोयला बेल्ट में वसूली रैकेट पर NIA का शिकंजा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रांची की विशेष एनआईए अदालत ने मंगलवार को झारखंड के अम्रपाली-मगध क्षेत्र में कोयला परिवहनकर्ताओं, ठेकेदारों और कारोबारियों को निशाना बनाकर जबरन वसूली का रैकेट चलाने वाले 12 दोषियों को सजा सुनाई। एनआईए ने एक बयान में बताया कि दोषी प्रतिबंधित माओवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के लिए धन जुटा रहे थे।

एजेंसी के अनुसार, 12 दोषियों में से पांच को अधिकतम 10 वर्ष के सश्रम कारावास, छह को अधिकतम आठ वर्ष के सश्रम कारावास और एक दोषी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।

यह मामला झारखंड के चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र में आने वाले अम्रपाली और मगध कोयला खनन क्षेत्रों में जबरन वसूली और लेवी वसूलने से जुड़ा है। एनआईए ने 21 आरोपियों के खिलाफ 22 दिसंबर 2018 और 10 जनवरी 2020 को आरोपपत्र और पूरक आरोपपत्र दाखिल किए थे।

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अभियोजन पक्ष के 119 गवाहों के बयान दर्ज किए गए
अदालत में 13 आरोपियों के खिलाफ शुरुआती सुनवाई पूरी हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष के 119 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 12 अगस्त 2026 को रांची की विशेष एनआईए अदालत ने आरोपपत्र में शामिल 21 आरोपियों में से 12 को दोषी ठहराया था। एनआईए ने बताया कि जांच में सामने आया कि टीपीसी के सदस्य और कैडर स्थानीय समितियों तथा अन्य प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से कोयला खनन की अनुमति देने के बदले क्षेत्र में लेवी वसूलते थे।

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