Jharkhand: सूर्या हांसदा के खिलाफ कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे और वह महीनों से पुलिस की पकड़ से बाहर था। 10 अगस्त को देवघर से गिरफ्तारी के बाद उसने ललमटिया जंगल में छिपाए हथियारों की जानकारी दी।
गोड्डा के ललमटिया के घने जंगल और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाके में शनिवार को गोलियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। पुलिस और कुख्यात मामलों में फरार चल रहे भाजपा नेता सूर्या हांसदा के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें सूर्या ढेर हो गया। उसके शव पर कई गोली के निशान मिले हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, सूर्या हांसदा के खिलाफ कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे और वह महीनों से पुलिस की पकड़ से बाहर था। 10 अगस्त को देवघर से गिरफ्तारी के बाद उसने ललमटिया जंगल में छिपाए हथियारों की जानकारी दी। जैसे ही पुलिस टीम बरामदगी के लिए पहुंची, सूर्या ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में उसे ढेर कर दिया। मौके से एक हथियार भी बरामद किया गया।
जंगल में तनाव, भारी पुलिस तैनाती
मुठभेड़ की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर उमड़ पड़े। हालात काबू में रखने के लिए पुलिस ने मौके पर कैंप कर दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
राजनीतिक सफर और विवाद
2019 में भाजपा के टिकट पर बोरियो विधानसभा से चुनाव लड़ने वाले सूर्या हांसदा ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी का टिकट काटकर मैदान में जगह बनाई थी। इससे पहले वे तीन बार चुनाव हार चुके थे, जिनमें दो बार उन्होंने जेवीएम से किस्मत आजमाई। युवा नेता की छवि रखने वाले सूर्या की आपराधिक पृष्ठभूमि लगातार विवादों में रही।