केंद्रीय चुनाव आयोग के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनावों के दौरान धन-बल के दुरुपयोग और मतदाताओं को प्रभावित करने वाले साधनों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और इसके लिए आवश्यक निर्देश सभी संबद्ध अधिकारियों को दे दिए गए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने झारखंड विधानसभा चुनाव में धन-बल के दुरुपयोग और मतदाताओं को प्रभावित करने वाले साधनों व तत्वों पर नियंत्रण तथा निगरानी करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को लेकर निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण एवं प्रवर्तन एजेंसियों के साथ आज यहां बैठक की जिसके बाद वरिष्ठ चुनाव उपायुक्त उमेश सिन्हा और उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में इस बात की जानकारी दी।
सिन्हा ने बताया कि चुनाव आयोग विधानसभा चुनावों के दौरान हर प्रकार की पेड खबरों और प्रलोभन वाले कार्यों और लेनदेन पर सख्त नजर रखेगा।
विधानसभा चुनावों के लिए तीस नवंबर के प्रथम चरण की निर्वाचन अधिसूचना कल जारी होगी जिसकी पूरी तैयारी की जा चुकी है। राज्य में तीस नवंबर से 20 दिसंबर तक पांच चरणों में मतदान होंगे और मतगणना 23 दिसंबर को होगी।
सिन्हा ने बताया कि विभिन्न एजेंसियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में चुनाव आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अफसरों से इस दिशा में की जा रही तैयारियों की अलग-अलग जानकारी ली।
इस मौके पर संयुक्त आयकर निदेशक (अन्वेषण)-सह- नोडल पदाधिकारी ने आयोग को बताया कि सौ से ज्यादा आयकर पदाधिकारियों को विभिन्न जिलों में प्रतिनियुक्त किया गया है जो संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों के साथ समन्वय बनाते हुए अवैध नकदी के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे।
इसकी नियमित मॉनिटरिंग झारखंड के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कृपानंद झा करेंगे।