झारखंड विधानसभा चुनावों में जीत पर झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मतदाताओं का आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा, झारखंड की जनता के लिए उत्साह का दिन है। मेरे लिए आज का दिन एक संकल्प लेने का दिन है। इस राज्य की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने का संकल्प लेने का दिन है। आज का यह जनादेश शिबू सोरेन जी के परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। कांग्रेस और राजद के साथ मिलकर हमने यह चुनाव लड़ा।
लालू यादव, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी को मैं आभार देना चाहता हूं। सभी ने मेरे ऊपर विश्वास जताया और राज्य की जनता ने भी हमें स्पष्ट बहुमत दिया है। हेमंत सोरेन ने कहा, आज एक राज्य के लिए एक नया अध्याय शुरू होगा। ये मील का पत्थर साबित होगा और निश्चित रूप से जिस उम्मीद से हमें वोट दिए गए हैं, मैं भरोसा दिलाता हूं कि उम्मीदें नहीं टूटेंगी। नौजवान, किसान, महिला, व्यापारी, बूढ़े-बच्चे, मजदूरों सभी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
आदिवासी बहुल 28 में से 26 सीटें हारी भाजपा
झारखंड के विधानसभा चुनावों में भाजपा को आदिवासी मतदाताओं ने सिरे से नकार दिया। राज्य में आदिवासी बहुल इलाकों की 28 सीटों में से सिर्फ दो सीटों पर भाजपा को जीत मिली है, जबकि जिन 26 सीटों पर महागठबंधन का कब्जा रहा इनमें 19 सीटों पर झामुमो की जीत हुई। इससे साफ है कि आदिवासियों ने क्षेत्रीय पार्टी पर भरोसा दिखाया है। राज्य की कुल 81 सीटों में से 79 सीटों को ग्रामीण सीटें माना जा सकता है। इन ग्रामीण सीटों में से 40 सीटें झामुमो महागठबंधन के खाते में गईं।
झारखंड भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन, मूलनिवास की तारीख बढ़ा कर बाहरी लोगों को सुविधा देना और पत्थलगढ़ी वाले गांवों को देशद्रोही बताना भाजपा की हार का बड़ा कारण रहा है। भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन का विरोध आदिवासियों ने जोर शोर से किया, जो आदिवासियों के हक को कमजोर कर रहा था। वहीं, मूलनिवास का मामला भी काफी दिनों से चला आ रहा था। झारखंड के लोगों की मांग थी कि राज्य में वर्ष 1932 की जनसंख्या के आधार पर हो, लेकिन भाजपा ने इसे बढ़ाकर वर्ष 1985 कर दिया। इससे बाहर से आने वाले लोगों को काफी लाभ हुआ। यह झारखंड के लोगों में गुस्से का कारण बना।
कांग्रेस प्रवक्ता भी हारे
जमशेदपुर पूर्व से चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ चुनाव हार गए। चुनाव हारने के साथ-साथ गौरव अपनी जमानत भी जब्त होने से नहीं बचा पाए। ये वही गौरव वल्लभ हैं जिन्होंने एक निजी मीडिया संसथान में बैठकर ऊं का अपमान किया था। गौरव ने कहा था कि माथे पर तिलक दूसरों को डराने के लिए लगाया जाता है।
विधानसभा अध्यक्ष नहीं तोड़ पाए 19 साल का मिथक
झारखंड में बीते 19 साल में जो भी विधानसभा अध्यक्ष रहा, उसे हार का मुंह देखना पड़ा है। इस बार भी विधानसभा अध्यक्ष दिनेश ओरावं चुनाव हार गए हैं। उन्हें झामुमो के जग्गी सुसान होरो ने भारी मतों से हराया।
जनादेश का सम्मान
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम झारखंड की जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करते हैं। भाजपा को 5 वर्षों तक प्रदेश की सेवा करने का जो मौका दिया था उसके लिए हम जनता का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। भाजपा निरंतर प्रदेश के विकास के लिए कटिबद्ध रहेगी। सभी कार्यकर्ताओं का उनके अथक परिश्रम के लिए अभिनंदन।
भाजपा की हार मेरी हार
प्रदेश में हार मिलने पर झारखंड के सीएम रघुबर दास ने कहा कि लक्ष्य हमेशा बड़ा रखना चाहिए। भाजपा की हार मेरी हार है।
नतीजों से खुश हेमंत ने चलाई साइकिल
झारखंड चुनाव नतीजे आने के बाद झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन काफी खुश दिखे। इस मौके पर वह साइकिल चलाते हुए नजर आए।