असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल और झारखंड के अपने समकक्षों ममता बनर्जी और हेमंत सोरेन की आलोचना की। कहा कि ममता दीदी झारखंड के लोगों को अपनी सीमाएं सील करके सबक सिखा रही हैं, जबकि बंगाल के लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। वहीं सोरेन चुप्पी साधे हुए है क्योंकि राजनीति उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है।
बता दें, इस साल के अंत में होने वाले झारखंड विधानसभा चुनावों के भाजपा सह-प्रभारी भी सरमा हैं। वह फिलहाल भाजपा की परिवर्तन रैली में भाग लेने के लिए झारखंड आए हुए हैं। रैली को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह साहिबगंज से हरी झंडी दिखाएंगे।
'राज्य सरकार की विफलता की वजह से बंगाल के लोग बाढ़ से पीड़ित'
हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'बंगाल सरकार की विफलता की वजह से बंगाल के लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। लेकिन मैं हैरान हूं कि ममता दीदी अपनी नाराजगी अपने अफसरों पर नहीं, बल्कि झारखंड की जनता पर निकाल रही हैं। वह राज्य की सीमा सील कर झारखंड की जनता को सबक सिखा रही हैं और झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री मौन हैं।'
राजधर्म से बड़ा राजनीति का धर्म
उन्होंने आगे कहा, 'केंद्र में भाजपा सरकार का भी कहना है कि बंगाल की बाढ़ में झारखंड की कोई गलती नहीं है। यह विषय किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है, यह झारखंड की जनता के सम्मान की बात है। लेकिन जेएमएम ने चुप्पी इसीलिए साधी है क्योंकि उनके लिए राजधर्म से बड़ा राजनीति का धर्म है। झारखंड की जनता को सोचना चाहिए कि जो पार्टी अपने राज्य की गरिमा की रक्षा नहीं कर पा रही है, क्या ऐसी पार्टी को आपको फिर से मौका देना चाहिए?'
यह है मामला
बता दें, असम के मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय सामने आया, जब बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और राज्य में बाढ़ के लिए जिम्मेदार ठहराया। बनर्जी ने कहा था, 'डीवीसी (दामोदर घाटी निगम) के स्वामित्व और रखरखाव वाले मैथन और पंचेत बांधों की संयुक्त प्रणाली से लगभग 5 लाख क्यूसेक की मात्रा में पानी छोड़ा गया। इतना ज्यादा पानी छोड़ने की वजह से साउथ बंगाल के सभी जिले यानी पूर्व बर्धमान, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, बांकुरा, हावड़ा, हुगली, पूर्व मेदिनीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर विनाशकारी बाढ़ में डूब गए हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डी.वी.सी. बांध प्रणाली से इतनी बड़ी मात्रा में पानी कभी नहीं छोड़ा गया था।'
डिबुडीह चेक पोस्ट पर वाहनों के प्रवेश पर रोक
इस बीच, अंतरराज्यीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच -2) पर ट्रकों की आवाजाही गुरुवार शाम से पूरी तरह से ठप हो गई है क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार ने झारखंड-बंगाल सीमा पर स्थित डिबुडीह चेक पोस्ट पर झारखंड की ओर से भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। धनबाद के डिप्टी कमिश्नर माधवी मिश्रा के अनुसार, बंगाल पुलिस ने चेक पोस्ट पर वाहनों को रोक दिया है।