सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ हुए दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक और दस्तावेजी छानबीन करते हुए पीड़िता के नाबालिग होने की पुष्टि की है। इसके बाद, पीड़िता के कथित पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कानून और अन्य संबंधित गंभीर धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में तीन पुलिसकर्मियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की विस्तृत जांच अभी जारी है। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित किशोरी के समुचित पुनर्वास और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे बाल संरक्षण आयोग की सुरक्षित अभिरक्षा में सौंप दिया है।
आयु जांच के दौरान किशोरी के नाबालिग होने का सच आया सामने
थाने में दुष्कर्म के इस गंभीर मामले की तकनीकी और दस्तावेजी पड़ताल के दौरान जब पुलिस ने पीड़िता की उम्र से जुड़े अभिलेखों का अवलोकन किया, तो उसकी वास्तविक आयु का सच उजागर हुआ। आधिकारिक दस्तावेज के सत्यापन में पीड़िता की उम्र केवल 15 वर्ष दो माह पाई गई। नाबालिग होने से जुड़ी खबरें मीडिया में प्रसारित होने के बाद पड़ोसी राज्य ओडिशा के बड़बिल क्षेत्र से मानवाधिकार संगठन की टीम परिजनों के साथ गम्हरिया थाना परिसर पहुंची। पीड़िता के परिजनों ने पुलिस के समक्ष दावा किया कि उनकी बेटी बीते छह माह से अपने घर से रहस्यमय हालात में गायब थी। मीडिया में समाचार आने के बाद ही परिजनों को उसकी जानकारी मिली, जिसके बाद वे न्याय पाने के लिए तुरंत गम्हरिया पहुंचे।
परिजनों की शिकायत पर आरोपी कथित पति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई
परिजनों ने गम्हरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी कथित पति के खिलाफ कई संगीन आरोप लगाए। परिजनों ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी ने उनकी 15 वर्षीय बेटी को बलपूर्वक बंधक बनाकर रखा था और उससे अवैध रूप से शादी कर ली थी। आरोपी लगातार किशोरी के साथ मारपीट और शारीरिक शोषण कर रहा था। परिजनों ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि आरोपी उनकी नाबालिग बच्ची को जबरन वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेलने की साजिश रच रहा था और इसके लिए उस पर लगातार अनुचित दबाव बना रहा था। परिजनों की लिखित तहरीर मिलते ही पुलिस ने पॉक्सो कानून की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस थाने में सहायता मांगने पहुंची पीड़िता के साथ घिनौना अपराध
मामला गम्हरिया थाने से जुड़ा है, जहां पीड़ित महिला अपने घरेलू विवाद के समाधान और न्याय की गुहार लगाने के लिए पहुंची थी। आरोप है कि गम्हरिया थाने में पदस्थापित वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा ने सहायता का झांसा देकर महिला को थाने के ही एक कक्ष में बुलाया। इसके बाद आरोपी कर्मचारी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। थाना परिसर के भीतर घटी इस शर्मनाक घटना की जानकारी सामने आने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दो दिनों के भीतर 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच के बाद तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जिसके बाद अब आरोपी पति की गिरफ्तारी हुई है।