झारखंड के जमशेदपुर की एक सरकारी बैंक की शाखा से लूट मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को पटना से गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी सूचना दी। गौरतलब है कि अगस्त माह में उलीडीह में स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से इस गिरोह के लोगों ने 1.50 करोड़ रुपये की नकदी और सोना लूट लिया था।
पूर्वी सिंहभूम जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बुधवार को इस गिरफ्तारी के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि चारों आरोपी मंगलवार को नेपाल भागने की जुगत में थे। इसी दौरान चारों को पटना से गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि इस अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना पटना की बेउर जेल में बंद है। पूर्वी सिंहभूम जिले की पुलिस ने अदालत से उसके खिलाफ पेशी वारंट जारी करने का अनुरोध किया है। जिससे कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा सके।
गिरोह ने 18 अगस्त को बैंक ऑफ इंडिया की उलीडीह शाखा से 33.68 लाख रुपये नकद और 1.12 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के लगभग 2.325 किलोग्राम सोने के आभूषणों के 41 सीलबंद पैकेट लूट लिए थे। एसएसपी ने बताया कि इसके अलावा गिरोह के सदस्यों ने जमशेदपुर के बिष्टुपुर इलाके के एक नामी जौहरी से 32 लाख रुपये भी लूटे थे।
एसएसपी कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक (सदर) के. विजय शंकर के नेतृत्व में विशेष पुलिस दल का गठन किया गया था जिसे मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। यह गिरोह बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में बैंक लूट के कई मामलों में शामिल रहा है।
पांच लाख रुपये का इनामी माओवादी गिरफ्तार
इस बीच पलामू जिले में प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है। उसके सिर पर पांच लाख रुपये का इनाम था। संगठन के एक सब-जोनल कमांडर की पहचान राम प्रसाद यादव उर्फ प्रसाद जी के रूप में की गई है, जिसे राज्य की राजधानी रांची से लगभग 200 किलोमीटर दूर छतरपुर थाना अंतर्गत उनके गांव बगिया से पकड़ा गया था।