रांची स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने चारा घोटाले के तीसरे मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया है। साथ ही पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा को भी दोषी ठहराया है।
यह मामला चाइबासा ट्रेजरी 1992-1993 में 33.67 करोड़ रुपये की फ्रॉड निकासी से संबंधित है।
आरोप है कि 33.67 करोड़ रुपये फर्जी आवंटन के पत्र द्वारा निकाले गए। लेकिन वास्तविक रूप से केवल 7.10 लाख रुपये निकाले गए थे। 56 आरोपियों में झारखंड के पूर्व चीफ सचिव सजल चक्रवर्ती भी शामिल हैं, जब फर्जी धन निकासी के आरोप लगे थे,सजल पश्चिम सिंहभूम जिले के डिप्टी कमिश्नर थे।
यह तीसरा मामला है जिसमें लालू यादव और जगन्नाथ मिश्रा आरोपी हैं। आपको बता दें कि लालू यादव अभी रांची की बिरसा मुंडा जेल में हैं उन्हें 6 जनवरी को चारा घोटाले के एक मामले में साढ़े तीन साल की जेल की सजा मिली है।
यह मामला देवगढ़ ट्रेजरी से संबंधित था। लालू यादव को चारा घोटाले में सबसे पहले 2013 में पांच साल की सजा सुनाई गई थी।