चारा घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू यादव और अन्य दोषियों के खिलाफ चौथे मामले में रांची कोर्ट ने फैसला सुनाया। लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया गया है वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा सहित कई आरोपी बरी किए गए हैं।
लालू प्रसाद यादव की सजा पर कोर्ट में 21, 22 और 23 मार्च को बहस होगी। सीबीआई के वकील ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए बताया कि 12 लोगों को रिहा किया गया है, जबकि लालू समेत 19 आरोपियों को दोषी पाया गया है।
सीबीआई के वकील ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मामले में 12 लोगों को रिहा किया गया है, जबकि लालू समेत 19 आरोपियों को दोषी पाया गया है।
आपको बता दें कि चारा घोटाले के तीन मामलों में वह दोषी करार दिए जा चुके हैं। यह चौथा मामला है। इसके अलावा वह साढ़े तीन साल की सजा भी काट चुके हैं। बहस के दौरान कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की कि लालू के स्वास्थ्य के बारे में कानूनी प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया। चौथे मामले में दोषी करार दिए जाने से पहले लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में थे, अचानक हालत बिगड़ने पर उन्हें रांची स्थित रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बता दें कि दुमका कोषागार से 3 करोड़ 13 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई थी। अवैध निकासी के इस मामले में लालू समेत 31 अन्य लोग 23 दिसंबर 2017 से जेल में बंद हैं। इन सभी को इस मामले में दोषी करार दिया गया था।
दोषी करार दिए जाने से पहले लालू ने कोर्ट से मांग की थी कि फैसले की तारीख को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने अपील की थी कि मामले में तत्कालीन एटॉर्नी जनरल समेत अन्य तीन को आरोपी बनाया जाए। अपने आवेदन में लालू ने कहा था कि साल 1991 से 95-96 तक एजी की रिपोर्ट में इस बात का कहीं जिक्र नहीं है कि पशुपालन विभाग में अत्यधिक और अवैध निकासी की गई थी।