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Jharkhand lynching: 13 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर, सिमडेगा जिले का मामला

Wed, 05 Jan 2022 09:07 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिमडेगा

सार

झारखंड विधानसभा ने हाल ही में भीड़ हिंसा और किसी को पीटकर मार डालने से रोकने के लिए विधेयक को मंजूरी दी थी। इस विधेयक में हिंसा के दोषी पाए गए लोगों को तीन साल से लेकर उम्रकैद, जुर्माने और संपत्ति अटैच करने तक का प्रावधान है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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झारखंड के सिमडेगा जिले में भीड़ द्वारा एक 32 वर्षीय व्यक्ति को पत्थरों से मार-मार कर उसकी जान लेने और फिर शव को जला देने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि कथित तौर पर लकड़ी चुराने के आरोप में हुई इस हिंसा को लेकर 13 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 

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संजू प्रधान नामक व्यक्ति को उसके बेसराजारा बाजार इलाके में स्थित घर से महज 100 मीटर की दूरी पर भीड़ ने मार डाला था। इसके बाद लोगों ने लकड़ी जमा की और उसके शव को आग लगा दी थी। पुलिस सुपरिटेंडेंट शम्स तबरेज ने बताया कि एफआईआर हत्या, घातक हथियारों के साथ दंगा और गैर कानूनी रूप से जमा होने के आरोपों में दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक ट्वीट में डिप्टी कमिश्नर से इस मामले की जांच करने और कानूनी कार्रवाई करने के बाद जानकारी देने के लिए कहा था। यह घटना झारखंड विधानसभा की ओर से भीड़ हिंसा निवारण विधेयक के पारित होने के मुश्किल से 15 दिन बाद हुई, जिसका उद्देश्य लोगों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा करना और भीड़ हिंसा को रोकना है।

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