खनन एवं भूविज्ञान विभाग की सचिव और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की करीबी मानी जाने वाली आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल और उनके करीबियों के खिलाफ दूसरे दिन भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई जारी है। जांच के क्रम में शनिवार सुबह-सुबह पूजा के पति अभिषेक झा के रांची स्थित पल्स हॉस्पिटल में ईडी के अधिकारी पहुंचे। साथ ही पूजा सिंघल के सीए सुमन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा इस मामले में देश के 11 ठिकानों पर ईडी की जांच जारी है।
इससे पहले शुक्रवार को हुई कार्रवाई में ईडी की टीम ने उनके अलग-अलग ठिकानों से 19.31 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम गुरुवार रात ही रांची पहुंच गई थी। देर रात टीम एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी कार्यालय में रुकी और यहीं से छापेमारी का पूरा खाका तैयार किया गया। शुक्रवार सुबह होते ही ईडी की टीम पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के पल्स अस्पताल पहुंच गई। इसके अलावा रांची में उनके अन्य ठिकानों पर भी पहुंची।
ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि सिंघल से जुड़े स्थानों से 19.31 करोड़ रुपये नकद बरामद होने के बाद ईडी ने शनिवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड सरकार की खान और भूविज्ञान सचिव पूजा सिंघल के सीए सुमन कुमार को गिरफ्तार किया है। ईडी ने कुमार के पास से आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए हैं। 19.31 करोड़ रुपये में से 17.51 करोड़ रुपये चार्टर्ड एकाउंटेंट सुमन कुमार के परिसर से बरामद किए गए हैं।
इससे पहले शुक्रवार को 16 घंटे तक चली इस कार्रवाई 19.31 करोड़ कैश के साथ ही करीब 150 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं। ईडी की टीम ने उनके रिश्तेदारों के घर पर भी छापा मारा है। ईडी जांच के क्रम में पूजा के ससुर कामेश्वर झा के मुजफ्फरपुर के घर, दिल्ली में रहने वाले उनके भाई और माता-पिता के यहां भी पहुंची। ईडी ने देश भर के 18 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। इसमें झारखंड में सबसे ज्यादा जगहों पर छापे पड़े हैं।
आईएएस पूजा सिंघल पर आरोप लगाया गया है कि वह अपनी मर्जी से रेत खनन के लिए ठेके अपने पसंद के ठेकेदारों को ही दे रही हैं। झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार ने यह शिकायत फरवरी 2022 में ईडी के पास दर्ज कराई थी। इसके साथ ही, ईडी खूंटी और छतरा जिलों में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अधिनियम (मनरेगा) में अनियमितताओं में सिंघल की संलिप्तता की जांच भी कर रही है। पूजा सिंघल साल 2000 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह पहले खूंटी जिले में उपायुक्त के रूप में तैनात थीं।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जल्दी ही कई और अधिकारियों पर ईडी कार्रवाई करेगी। इसमें CMO के एक अफसर और मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले निर्माण कार्य से जुड़े एक अधिकारी भी शामिल हैं।
भाजपा ने सीएम से मांगा स्पष्टीकरण
इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में अधिकारियों और व्यवसायियों के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बाद 150 करोड़ रुपये के खनन घोटाले का खुलासा हुआ है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली ने बताया कि झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये का पता चला है। पिछले 24 घंटों में इन छापों से खनन से संबंधित एक घोटाला उजागर हुआ है। राज्य में खनन की देखभाल करने वाले अधिकारी के परिसर में छापेमारी की गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद खनन मंत्री हैं। राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए भाजपा नेता ने पूछा कि क्या यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी नहीं है कि वह स्पष्टीकरण जारी करे? करोड़ों जनता का पैसा लूटा गया है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह पैसा किसका है और यह कहां से आया?