प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले मामले में पीएमएलके के तहत सातवां समन जारी किया है। ईडी ने उन्हें इस मामले में अपना बयान दर्ज करने के लिए कहा है।
छह बार समन भेज चुका है ईडी
मंगलवार को सीएम सोरेन एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दुमका के लिए रवाना हुए, इसी बीच अटकलें लगाई जाने लगी हैं कि वे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश नहीं हुए। ईडी ने कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए सोरेन को नया समन जारी किया था। जानकारी के मुताबिक, सोरेन को मंगलवार सुबह 11 बजे हिनू इलाके में संघीय एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने पेश होने और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया था।
इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि झारखंड के मुख्यमंत्री का मंगलवार को दुमका में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था। वह 24 नवंबर को राज्य में शुरू हुई 'आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार' (आपकी योजना, आपकी सरकार आपके द्वार) में भाग लेंगे।
बता दें कि ईडी इससे पहले हेमंत सोरेन को छह बार नोटिस भेज चुका है, लेकिन एक बार भी वह एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इस मामले में ईडी आईएएस अफसर छवि रंजन समेत 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुका है। ईडी की ओर से समन जारी होने के बाद सोरेन ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर उनकी सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
हेमंत सोरेन को ईडी का समन मिलने पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबुलाल मरांडी ने कहा, 'मुझे लगता है कि ईडी जो कर रही है वह सही है। अगर उनके पास ईडी के दफ्तर जाने का समय नहीं है, तो वे (ईडी) वहां जाकर जांच करेंगे जहां वह उन्हें उपस्थित होने के लिए कहेंगे। हेमंत सोरेन को भागना नहीं चाहिए। वह हमेशा इस बात को दोहराते हैं कि वह एक क्रांतिकारी के बेटे हैं तो जब उन्हें जांच के लिए बुलाया जाता है, उन्हें उस समय वहां उपस्थित होना चाहिए। जैसे कि वह भाग रहे हैं, इससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने कुछ गलत किया है।'
जानें क्या है मामला
आरोप है कि झारखंड में भू-माफिया द्वारा अवैध तरीके से जमीन के मालिकाना हक में बदलाव कर हड़प लिया गया है। ईडी इस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में अभी तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 2011 बैच के आईएएस अधिकारी छवि रंजन भी शामिल हैं, जो राज्य समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त का पद संभाल चुके हैं।