Jharkhand politics News : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर और वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार भाजपा पर हमलावर हैं। यह मुद्दा सुर्खियां बना हुआ है। वहीं, इस मामले पर अब झारखंड कांग्रेस विधायक दल के उपनेता और खिजरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश कच्छप का बयान सामने आया है। कच्छप ने तो चुनाव आयोग को अपने बयान में भाजपा का एजेंट करार दे दिया।
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप गहराता जा रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस मुद्दे को लेकर जनता को गोलबंद करने में लगे हुए हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अगुवाई में निकली वोटर अधिकार यात्रा अब धीरे-धीरे राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुकी है। वहीं, झारखंड कांग्रेस विधायक दल के उपनेता और खिजरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश कच्छप ने नवादा में इस यात्रा में शिरकत की।
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रांची लौटने पर मीडिया से बातचीत करते हुए कच्छप ने चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि बिहार में 65 लाख जीवित वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। वहीं, जिनका देहांत हो चुका है, उनके नाम लिस्ट में जोड़ दिए गए हैं। यह लोकतंत्र के साथ घोर अन्याय है।
'चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था न होकर भाजपा के इशारे पर काम कर रही'
कच्छप ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था न होकर भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। चुनाव आयोग भाजपा का एजेंट बन चुका है। आयोग का मकसद है कि बिहार में हर हाल में एनडीए सरकार बने। लेकिन इस बार बिहार की जनता सब समझ चुकी है और बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है। विधायक ने दावा किया कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी है।
लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ा है एसआईआर का मुद्दा
जनता ने मन बना लिया है कि नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। राजेश कच्छप ने राहुल गांधी को जनता का असली नेता बताते हुए कहा कि राहुल गांधी हमेशा जनता के सवालों पर सड़क पर उतरते हैं। एसआईआर का यह मुद्दा भी करोड़ों वोटरों के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ा है। राहुल गांधी और पूरा कांग्रेस परिवार जनता का हक दिलाने के लिए संघर्षरत हैं। विधायक कच्छप ने कहा कि अगर वोटरों का अधिकार ही छीन लिया गया, तो जनप्रतिनिधियों का अस्तित्व बेमानी हो जाएगा। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। अगर जनता का वोटर कार्ड ही रद्द कर दिया जाएगा तो लोकतंत्र की नींव कमजोर हो जाएगी।