झारखंड में सरकार के गिरने की आशंका के बीच विधायक भाजपा में न पहुंच जाएं, इसलिए सीएम सोरेन सभी विधायकों को खूंटी जिले में लतरातू डैम पर बने रिसॉर्ट में लेकर पहुंच गए। माना जा रहा था कि सोरेन विधायकों को वहीं रखेंगे, लेकिन सभी को चौंकाते हुए शाम में सभी विधायक रांची लौट आए जहां रात में सोरेन के आवास पर फिर से विधायकों की बैठक हुई। वहीं झारखंड में सियासी घमासान के बीच आगे की कार्रवाई की रणनीति पर विचार-विमर्श करने के लिए शनिवार शाम कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता प्रभारी कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे ने की।
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता खत्म किए जाने पर राज्यपाल रमेश बैस ने अब तक कोई फैसला नहीं किया है। साथ ही सूत्र बताते हैं कि विधायकों को रविवार को भी कहीं ले जाया जाएगा। विधायकों को रांची में मुख्यमंत्री सोरेन के आवास से बसों में भरकर भारी पुलिस सुरक्षा में रिजॉर्ट तक पहुंचाया गया। रिसॉर्ट के आस-पास भी पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया था।
इससे पहले शनिवार की दोपहर सोरेन के आवास पर राज्य में सत्तारूढ़ यूपीए के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की बैठक हुई। इस बैठक में विधायकों को अपने सामान के साथ पहुंचते देखा गया। दो दिन में यह ऐसी तीसरी बैठक थी। झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने पत्रकारों को बताया, विधायकों को पूरी तरह तैयार होकर आने के लिए कहा गया है। इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। विधायक सामान के साथ आए हैं। यदि उन्हें कहीं भेजा जाएगा तो हम आपको जानकारी देंगे।
इसके बाद दो वॉल्वो बसों में भरकर कई विधायक यहां से निकलते दिखे। राज्य के मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने पत्रकारों से बताया, सभी मंत्री और विधायक एक साथ हैं। हम अन्य जगह भी जाएंगे। अभी पता नहीं है कि यहां से कहां जाएंगे। अभी एक साथ कई चीजें चल रही हैं।
क्यों संकट में है सोरेन सरकार
राज्यपाल रमेश बैस किसी भी समय हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की घोषणा कर सकते हैं। सोरेन पर मुख्यमंत्री रहते अपने नाम से खनन पट्टा लेने का आरोप है। चुनाव आयोग सोरेन की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश राज्यपाल को भेज चुका है। सोरेन की विधायकी जाने पर उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा। सरकार गिरने से राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल बनने का लाभ विपक्षी भाजपा उठा सकती है जिसे सरकार बनाने के लिए 13 विधायकों की जरूरत है।
बैठक में शामिल हुए कांग्रेस विधायक
सोरेन के आवास पर रात में हुई विधायकों की बैठक में कांग्रेस के विधायक भी शामिल हुए। इसमें शामिल होने कांग्रेस विधायक दल के नेता अविनाश पांडे भी पहुंचे। बाद में पांडे ने कहा कि कांग्रेस संकट के समय सोरेन के साथ है। अपने तीन विधायकों को कोलकाता में भारी मात्रा में नकदी के साथ पकड़े जाने के बाद निलंबित कर चुकी है। विधानसभा में पार्टी के पास 16 सदस्य हैं और संख्या बल को देखते हुए भाजपा के लिए झामुमो के मुकाबले कांग्रेस में दलबदल कराना आसान लग रहा है। इसे देखते हुए पार्टी अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।
सिर्फ 33 विधायक सोरेन के साथ : भाजपा
झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने यूपीए विधायकों को रिसॉर्ट भेजे जाने के बारे में कहा, हाथ-पैर मारने के बाद भी यूपीए के सिर्फ 33 विधायक रांची में सरकारी जमा हो पाए। झामुमो विधायकों का पहला पड़ाव लतरातू में।
82 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में दलगत स्थिति
सरकार के पक्ष में
झामुमो 30
कांग्रेस 16
राजद 1
भाकपा माले 1
राकांपा 1
विपक्ष में
भाजपा 28
आजसू 2
निर्दलीय 2
मनोनीत 1