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झारखंड: चतरा में ब्राउन शुगर तस्कर को 15 साल की सजा, डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगा

Thu, 15 Oct 2026 04:41 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

चतरा की अदालत ने 370 ग्राम ब्राउन शुगर तस्करी के मामले में दोषी भेखलाल साव को 15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर उसे दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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ब्राउन शुगर तस्करी में दोषी भेखलाल साव को 15 साल की कैद। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चतरा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शंभु लाल की अदालत ने गुरुवार को मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने 370 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर के साथ पकड़े गए तस्कर भेखलाल साव को 15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना राशि जमा न करने पर दोषी को दो साल का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
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गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी
यह मामला 4 अप्रैल, 2022 की रात का है। उस समय राजपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी विकास पासवान को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि एक व्यक्ति केंदुआ-सहोर के रास्ते ब्राउन शुगर लेकर जाने वाला है। सूचना के आधार पर तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने छापेमारी दल का गठन किया। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भेखलाल साव को 370 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार कर लिया।

नौ गवाहों के बयानों से सिद्ध हुआ अपराध
दोषी भेखलाल साव पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र के नावाडीह डमौल गांव का निवासी है और वह स्वर्गीय तुलसी साव का पुत्र है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मामला अदालत के सुपुर्द किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल नौ गवाहों की गवाही कराई।
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गवाहों के बयानों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रमेश जायसवाल ने पक्ष रखा, जबकि अभियोजन पक्ष से अमित कुमार श्रीवास्तव ने पैरवी की। अदालत के इस फैसले से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों को कड़ा संदेश मिला है।
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