झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में हुई धांधली और प्रश्नपत्र लीक मामलों की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने तेज कर दी है। इस मामले में परीक्षा पास करने वाले संदिग्ध अभ्यर्थियों पर शिकंजा कसने लगा है। सीआईडी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के चार अलग-अलग गांवों के चार सफल अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिस भेजकर समन किया है।
सीआईडी ने इन सभी अभ्यर्थियों को अपने कार्यालय में सशरीर उपस्थित होकर पूछताछ में शामिल होने का निर्देश दिया है। इस हाई-प्रोफाइल जांच में सीआईडी अब तक लगभग 30 ऐसे संदिग्ध सफल अभ्यर्थियों की पहचान कर चुकी है, जिन्होंने कथित तौर पर धांधली और अनुचित साधनों के जरिये परीक्षा पास की थी।
चार अभ्यर्थियों को सीआईडी का नोटिस
सीआईडी की इस हालिया कार्रवाई से फर्जी तरीके से सफलता पाने वाले अभ्यर्थियों में हड़कंप मच गया है। सीआईडी ने जिन चार अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है, वे बेंगाबाद थाना क्षेत्र के फुफंदी, चपुआडीह, नावाडीह और चकरदाहा गांव के रहने वाले हैं। ये सभी अभ्यर्थी जेएसएससी की परीक्षा में सफल घोषित हुए थे। सीआईडी को अंदेशा है कि इन अभ्यर्थियों ने अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। जांच एजेंसी अब इन संदिग्धों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी ताकि परीक्षा प्रणाली में हुई इस बड़ी सेंधमारी के पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके। सीआईडी अधिकारियों के अनुसार पहचान किए गए सभी 30 संदिग्धों पर चरणबद्ध तरीके से शिकंजा कसा जाएगा।
मास्टरमाइंड के करीबियों पर कसा शिकंजा
इस परीक्षा घोटाले के कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी की संलिप्तता की जांच के क्रम में पुलिस और सीआईडी ने पलामू में भी बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी अभय तिवारी का ससुराल बेंगाबाद के हथबोर गांव में स्थित है। इस मामले में सीआईडी पहले ही उसके ससुर और पेशे से सहायक अध्यापक विकास पांडेय से विस्तार से पूछताछ कर चुकी है।
इसके साथ ही अभ्यर्थियों से रुपयों की अवैध वसूली करने वाले मुख्य आरोपी सौरभ पांडेय की तलाश तेज हो गई है। सौरभ पांडेय मास्टरमाइंड अभय तिवारी का साला है और उस पर अभ्यर्थियों से पैसे ऐंठने का मुख्य आरोप है। आरोपी सौरभ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके घर पर कानूनी इश्तेहार चिपका दिया है। पुलिस और सीआईडी की इस सख्त कार्रवाई से फरार आरोपियों की धरपकड़ की कोशिशें और तेज हो गई हैं।
ये भी पढ़ें- हजारीबाग: बड़कागांव में फिर तनाव की चर्चा, ग्रामीणों और सीआईएसएफ जवानों के आमने-सामने आने की फोटो वायरल
एएसओ पद पर तैनात आरोपी समीर गिरफ्तार
सीआईडी की जांच में यह सच सामने आया है कि परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाकर किस तरह से नौकरियां बेची जा रही थीं। इसी सिलसिले में सीआईडी ने बेंगाबाद बस्ती के निवासी समीर उर्फ शालू को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। आरोपी समीर पर आरोप है कि उसने अवैध और अनुचित साधनों के जरिये जेएसएससी का प्रश्नपत्र हासिल किया था। प्रश्नपत्र के दम पर ही उसने परीक्षा में सफलता पाकर सचिवालय सहायक (एएसओ) के पद पर नौकरी हासिल की थी। सीआईडी अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से लोग शामिल थे तथा प्रश्नपत्र लीक करके किस-किस तक पहुंचाया गया था। जांच एजेंसी प्रश्नपत्र लीक करने और उसे बेचने वाले पूरे गिरोह का भंडाफोड़ करने में जुटी है।