झारखंड के धनबाद में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश उत्तम आनंद की वाहन की चपेट में आने से संदिग्ध परिस्थिति में मौत होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा ने इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
झारखंड के धनबाद में जज की मौत के मामले में उचित कार्रवाई नहीं होने को लेकर राजनीतिक दल पुलिस प्रशासन से खफा है। भाजपा ने इसको लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग की है। भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कथित हत्या के मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मरांडी ने कहा "मैंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर एसएसपी संजीव कुमार को तत्काल निलंबित करने की मांग की है।
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एसएसपी की लापरवाही से शहर में बढ़ रही घटनाएं- मरांडी
मरांडी ने पत्र में एसएसपी संजीव कुमार के ट्रैक रिकॉर्ड का भी जिक्र किया है। मरांडी ने कहा कि एसएसपी का पिछला रिकॉर्ड सवालों के घेरे में रहा है, जब वह पलामू जिले के एसपी थे, तब एक बुजुर्ग दंपति का अपहरण कर लिया गया था। वह मामला अभी भी सवालों के घेरे में है। इसके बावजूद, उन्हें पदोन्नत कर धनबाद का एसएसपी बनाया गया। इस तरह के कमजोर अधिकारी के कारण शहर में अपराध बढ़ रहा है, इसलिए एसएसपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
बीते दिनों ऑटो ने जज को कुचला
बता दें कि झारखंड सरकार ने शनिवार को धनबाद में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की कथित हत्या मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश की। झारखंड के धनबाद जिले में तैनात अतिरिक्त जिला न्यायाधीश उत्तम आनंद की बुधवार को एक वाहन की चपेट में आने से संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। जज की हत्या के मामले में धनबाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है और वारदात में इस्तेमाल ऑटो को भी जब्त किया गया है। दोनों आरोपी की पहचान लखन कुमार वर्मा और राहुल वर्मा के रूप में हुई है, जिसने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
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सीबीआई को ट्रांसफर हो सकता है केस
इधर, हाईकोर्ट ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुनवाई की है। हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब देने को कहा है। हाईकोर्ट में डीजीपी ने कहा कि मामले को लेकर एसआईटी गठित कर दी गई है। वहीं, हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि संतोषजनक जांच नहीं होने पर केस सीबीआई को ट्रांफसर किया जाएगा।