देवघर के आशीष अफ्रीका के किलिमंजारो पर्वत पर झंडा लहराते हुए
झारखंड के बैद्यनाथधाम (देवघर) के रहनेवाले आशीष सावर्ण ने देश का झंडा अफ्रीका के सबसे ऊंचे पर्वत पर लहराया है। पेश से कंप्यूटर इंजीनियर आशीष का इरादा अब इससे भी ऊंचे पर्वत पर चढ़ना है।
अफ्रीका के देश तंजानिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो में भारत का झंडा लहराने के बाद झारखंड के बैद्यनाथधाम देवघर के आशीष सावर्ण ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल की है। किलिमंजारो की ऊंचाई समुद्र तल से चोटी तक 5,895 मीटर (19,300 फीट) है।
किलिमंजारो को फतेह करने के बाद आशीष इससे भी ऊंचे पर्वत की चढ़ाई करना चाहते हैं। अब वे अर्जेंटिना और चिली के बीच स्थित एकोन कागुआ पर्वत पर चढ़ाई करेंगे, जिसकी ऊंचाई 21,000 फीट है। जिसे अगले साल पूरा करने का लक्ष्य है। उसके बाद वे हिमालय पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने की इच्छा रखते हैं।
देवघर के पोखनाटिल्हा मुहल्ला के रहनेवाले आशीष अमेरिका के ऑरेगन राज्य में कंप्यूटर चिप की कंपनी इंटेल में सिस्टम इंजीनियर हैं। अमेरिका की इस कंपनी में काम करने के दौरान स्वास्थ्य और खेलों को लेकर लोगों की जागरूकता को देखा वे काफी प्रभावित हुए। जिसके बाद उनकी रूचि पर्वतारोहण के क्षेत्र में बढ़ी।