ट्रेन को सीनियर डिवीजनल ऑपरेशन मैनेजर (प्लानिंग) श्रेया सिंह ने रांची रेलवे स्टेशन से सुबह करीब 8.55 बजे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ने कहा, 'महिलाओं द्वारा एक दिन के लिए किया गया यह ऑपरेशन सिर्फ एक उदाहरण है। महिलाएं पूरे ट्रेन संचालन का प्रबंधन कर सकती हैं। महिलाएं आगे बढ़कर देश का नेतृत्व कर सकती हैं।'
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को सम्मान देने के लिए शुक्रवार को रेलवे ने एक अनोखा तरीका अपनाया। रेलवे ने रांची-तोरी पैसेंजर ट्रेन के संचालन की पूरी जिम्मेदारी महिला दल को दे दी। मतलब इस ट्रेन में पायलट से लेकर टीटीई और अन्य स्टाफ तक महिलाएं ही थीं।
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रांची रेलवे डिवीजन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) निशांत कुमार ने कहा, 'यह अवसर महिलाओं को समर्पित था। एक महिला अधिकारी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और सभी महिला चालक दल द्वारा इसका संचालन किया गया।' उन्होंने कहा, चूंकि महिला दिवस होली के त्योहार के अवसर पर पड़ा, इसलिए सभी महिला-चालक दल द्वारा शुक्रवार को ट्रेन का संचालन किया गया।
ट्रेन को सीनियर डिवीजनल ऑपरेशन मैनेजर (प्लानिंग) श्रेया सिंह ने रांची रेलवे स्टेशन से सुबह करीब 8.55 बजे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ने कहा, 'महिलाओं द्वारा एक दिन के लिए किया गया यह ऑपरेशन सिर्फ एक उदाहरण है। महिलाएं पूरे ट्रेन संचालन का प्रबंधन कर सकती हैं। महिलाएं आगे बढ़कर देश का नेतृत्व कर सकती हैं।'
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इस ट्रेन में लोको-पायलट, सहायक लोको-पायलट, ट्रेन मैनेजर, पांच टिकट कलेक्टर और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के छह सदस्य शामिल थे और सभी महिलाएं थीं। 2.35 घंटे की यात्रा में ट्रेन ने रांची से तोरी तक 110 किलोमीटर की यात्रा तय किया। इस बीच कुल 14 स्टेशन आए। लोको पायलट दीपाली अमृत ने कहा, 'यह हमारे लिए गर्व का क्षण है। हम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिन के अपने ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं। रेलवे के हर महत्वपूर्ण विभाग में आज महिलाएं हैं।'