राज्य में गुरूवार को हुए मतदान में करीब 62 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। नक्सलियों ने अपनी ओर से मतदान के प्रभावित करने की काफी कोशिश की लेकिन सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हो पाया।
नक्सलियों ने रेल की पटरी उड़ा दी और सुरक्षा बलों पर हमला किया लेकिन वो मतदाताओं की हिम्मत नहीं तोड़ पाए। नक्सलियों ने लोगों से मतदान ना करने की अपील की थी लेकिन लोगों ने अपील को ठुकरा दिया और घरों से निकल कर मताधिकार का प्रयोग किया।
इस चरण में हुए मतदान में 106 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई। 122 मतदान केंद्रों पर ईवीएम में खराबी आई थी लेकिन इन ईवीएम को बदल दिया गया।
CRPF के चार जवान बोकारो में घायल हो गए जबकि एक स्कूल भवन और रेल पटरियों को भी उड़ा दिया गया। बोकारो के अलावा गिरीडीह और हजारीबाग में भी बारूदी सुरंग विस्फोट किए गए।
इस चरण में सात विधायकों सहित पूर्व मंत्री और रांची से कांग्रेस सांसद सुबोध कांत सहाय, बीजेपी सांसद करिया मुंडा और यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई।
राज्य में तीसरा एवं अंतिम चरण 24 अप्रैल को होगा जिसमें चार सीटों के लिए मतदान होगा। झारखंड में लोकसभा की कुल 14 सीटें हैं।