आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हालदार ने शनिवार को घटनास्थल मुरुमातु गांव के टोंगरी पहाड़ी का दौरा करने के बाद मीडिया के सामने आरोप लगाया कि ऐसा सुनियोजित साजिश के तहत किया गया और स्थानीय प्रशासन की भूमिका इस मामले में संदिग्ध है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग झारखंड के पलामू से 50 दलित परिवारों को दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा भूमि विवाद में जबरन बाहर निकाले जाने के मामले में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को समन जारी करेगा।
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आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हालदार ने शनिवार को घटनास्थल मुरुमातु गांव के टोंगरी पहाड़ी का दौरा करने के बाद मीडिया के सामने आरोप लगाया कि ऐसा सुनियोजित साजिश के तहत किया गया और स्थानीय प्रशासन की भूमिका इस मामले में संदिग्ध है। हालदार ने कहा कि आयोग अपने स्तर से जांच शुरू करेगा।
उन्होंने कहा, अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं की गई जो पुलिस और आरोपियों के बीच गठजोड़ का संकेत है। महिलाओं समेत पीड़ितों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के पास मदद की गुहार लगाई लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
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गांव से 29 अगस्त को मुसहर जाति के 50 परिवारों को बाहर निकाले जाने के बाद इन परिवारों को प्रशासन ने एक इमारत में ठहराया हुआ है। हालदार ने आरोप लगाया, प्रशासन इन परिवारों को दूसरी किसी जगह बसाने का प्रयास कर रहा है। ऐसा करना स्थिति को और जटिल बनाएगा और आयोग इसे ठीक नहीं मानता। उन्होंने कहा कि आयोग ने प्रशासन को इन परिवारों को वहीं बसाने के लिए कहा है जहां से इन्हें जबरन निकाला गया है। उन्होंने कहा कि घटना के एक सप्ताह बाद भी क्षेत्र के सर्किल अफसर यह पता नहीं लगा पाए कि विवादित भूमि किसकी है।