एम्स जम्मू की ओर करवाई गई छठी आरथोपेडिक्स कांग्रेस के उद्घाटन में मौजूद संकाय सदस्य व विशेषज्ञ।
-छठी वार्षिक कांग्रेस में युवा सर्जनों ने शोध प्रस्तुतियां दीं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू कश्मीर के स्वास्थ्य देखभाल परिदृश्य के आर्थोपेडिक सर्जरी क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इसके साथ नैदानिक दक्षता और सर्जिकल विशेषज्ञता को बढ़ावा दिया जाए। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जम्मू की ओर से करवाई गई दो दिवसीय छठी वार्षिक कांग्रेस एशिया-पैसिफिक ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन यंग सर्जन फोरम इंडिया चैप्टर में सर्जरी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
वक्ताओं ने आर्थोपेडिक्स में वर्तमान विवाद, विषय पर चर्चा की। ऑर्थोपेडिक सर्जिकल तकनीकों में नवीनतम प्रगति पर बात की गई। इसके साथ आर्थोपेडिक खेल चिकित्सा में महत्वपूर्ण चुनौतियों और अवसरों को नई तकनीक के साथ संबोधित किया गया। सर्जरी के क्षेत्र में रोबोटिक्स सर्जरी की भूमिका बढ़ती जा रही है।
विशेषज्ञ के सत्रों में न्यूनतम इनवेसिव रीढ़ की सर्जरी, ट्यूमर सर्जरी जैसे अंग बचाव सर्जरी, विकृति सुधार और बाल चिकित्सा आर्थोपेडिक सर्जरी जैसे विषयों को शामिल किया गया। इस दौरान लर्निंग फ्रॉम मास्टर्स नामक एक सत्र था जिसमें साक्ष्य-आधारित चिकित्सा, आयुष्मान भारत योजना, सॉफ्ट कौशल विकास और कार्य-जीवन संतुलन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इससे पहले एम्स, जम्मू के निदेशक डॉ. शक्ति कुमार गुप्ता, डॉ. जमाल अशरफ (एपीओए के अध्यक्ष), चेयरपर्सन डॉ. संजीव गुप्ता, आयोजन सचिव डॉ. राशिद अंजुम और अन्य प्रतिष्ठित आर्थोपेडिक संकायों ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह को आगे बढ़ाया।