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अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों के युवाओं को भी मिलेगा आरक्षण, भर्ती नियमों में जल्द होगा संशोधन

Thu, 09 Jul 2020 02:41 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर में विशेष भर्ती अभियान के तहत अब अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सटे इलाकों में रहने वाले युवाओं को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार जल्द ही भर्ती के नियमों में आवश्यक संशोधन करेगी। युवाओं की मांग पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस संबंध में उप राज्यपाल जीसी मुर्मू से बात की है। डॉ. सिंह ने आश्वस्त किया कि जल्द ही प्रदेश सरकार नई गाइडलाइन जारी करेगी।

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हाल ही में राज्य सरकार की ओर से चतुर्थ श्रेणी केसाढ़े आठ हजार और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में अकाउंट्स असिस्टेंट के 1889 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए गए है। इनमें अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है। भर्ती केलिए सामान्य, आरबीए, एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस, एएलसी, पीएसपी, ओएससी संवर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

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अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों ने इस संबंध में डॉ. सिंह से बातकर समस्या की जानकारी दी। बताया कि आरक्षण का लाभ न मिलने की वजह से सीमावर्ती कठुआ, सांबा व जम्मू जिले के युवाओं को भर्ती के मौके से वंचित होना पड़ सकता है। काफी दिनों बाद सरकारी पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं। ऐसे में उन्हें आरक्षण का लाभ न मिलने से भर्ती के मौके से हाथ धोना पड़ सकता है। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार से बात की।

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जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा नौकरियों के लिए जारी विज्ञापन को लेकर युवाओं के मन में उत्पन्न भय को दूर करना जरूरी है। उप राज्यपाल जीसी मुर्मू और मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्मय से इस संबंध में विस्तृत बातचीत की गई है। इन नौकरियों में आईबी पर रहने वाले अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। केंद्र शासित प्रदेश की ओर से इस संबंध में स्पष्टीकरण जल्द जारी किया जाएगा।- डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री

एसआरओ 202 भी समाप्त कराया था
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के कार्यकाल में जारी एसआरओ 202 को भी समाप्त कराने में भी डॉ. जितेंद्र सिंह ने भूमिका निभाई थी। उन्होंने इस संबंध में उप राज्यपाल से बात की थी। इसके बाद एसआरओ 202 समाप्त किया गया था। साथ ही पांच साल तक प्रोबेशन का प्रावधान भी समाप्त कर दिया गया। ज्ञात हो कि इस आदेश केतहत नौकरी पाने वाले युवाओं को पांच साल तक प्रोबेशन पर रहना पड़ता था। उन्हें समान काम के लिए समान पैसे नहीं मिलते थे। इसे हटाने केलिए युवाओं की ओर से काफी समय से आंदोलन किया जा रहा था।
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