संघ का थिंक टैंक माने जाने वाले इंडिया फाउंडेशन द्वारा उधमपुर जिले के पत्नीटाप में आयोजित दो दिवसीय यंग थिंकर्स मीट में कश्मीर हिंसा की भी गूंज रही। इसमें कश्मीर हिंसा के कारणों का पता लगाकर उनका हल करने पर बल दिया गया। समस्या के समाधान के लिए अलगाववादियों से बातचीत शुरू करने पर हालांकि, इस दौरान सहमति नहीं बन पाई।
सूत्रों का कहना है कि दो दिनी सम्मेलन के लिए राष्ट्रीयता को थीम निर्धारित किया गया था। इसमें कुल पांच विषय निर्धारित थे। इनमें शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रवाद को लेकर विवाद, सोशल मीडिया का योगदान तथा राष्ट्रवाद में व्यवधान वाले विषय शामिल रहे। सम्मेलन में देश-काल की परिस्थितियों पर चर्चा के दौरान कश्मीर हिंसा का मुद्दा भी उठा।
इसमें देशभर से जुटे ज्यादातर युवाओं की राय थी कि राष्ट्रवाद तथा अलगाववाद से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। पूरा देश एक है और कहीं से इसमें खलल नहीं पड़ने दिया जाना चाहिए। लगातार हिंसा के कारण लोगों को हो रही दिक्कतों पर भी चर्चा हुई और कहा गया कि आम कश्मीरी इसके पक्ष में नहीं है। कम से कम युवा वर्ग तो इस हिंसा तथा बंद से मुक्ति चाहता है।
समस्या समाधान के लिए अलगाववादियों से बातचीत करने की उठ रही मांगों पर अलग-अलग राय देखने को मिली। कहा गया कि कानून के दायरे में जो भी हो, करना चाहिए।
सम्मेलन में संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने लगातार दो दिनों तक कैंप किया। इस पांचवें सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, बंगाल, बिहार, पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से आए 65 युवाओं से उनके अनुभव भी साझा किए गए।