जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजभवन में आयोजित वर्चुअल समारोह में आयुष मंत्रालय द्वारा जारी सामान्य योग प्रोटोकॉल पर आधारित डोगरी और कश्मीरी भाषाओं में योग वीडियो का अनावरण किया। वीडियो टीवी चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए जाएंगे।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि योग का अभ्यास हमें स्वस्थ और खुश रखता है। यह पिछले डेढ़ वर्षों में हम सभी के लिए और भी अधिक स्पष्ट हो गया है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की नेक पहल के कारण संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था।
उन्होंने कहा कि अब दुनिया भर में योग को स्वीकार किया जा रहा है और यह हमारे देश के लिए गर्व की बात है, क्योंकि योग हमारी सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग है। जोर देकर कहा कि स्वस्थ, तनाव मुक्त जीवन जीने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रत्येक नागरिक को प्रतिदिन योग करना चाहिए।
उन्होंने सभी से विशेष रूप से कोरोना के दौरान स्वास्थ्य था आध्यात्मिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार के लिए जीवन शैली के अभिन्न अंग के रूप में योग को अपनाने का आह्वान किया। उपराज्यपाल ने सभी से स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने और योग के साथ रहो, घर पर रहो के संदेश का प्रसार करने का आग्रह किया।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: पारंपरिक फसलें छोड़ कर लैवेंडर की खेती से जुड़ रहे हैं किसान, जानिए वजह
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि योग बीमारियों की रोकथाम, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और व्यक्ति के समग्र कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आईएसएम 14 जून से योग सप्ताह मना रहा है जो विभिन्न टीवी चैनलों पर प्रसारित किए जा रहे हैं।
विभिन्न सोशल व डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर भी उपलब्ध है। इस अवसर पर सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, निदेशक भारतीय चिकित्सा प्रणाली डॉ. मोहन सिंह आदि उपस्थित थे।