गेहूं की फसल पर यलोरस्ट (पीला रतुआ) का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में बारिश होगी, जो फसल के लिए घातक साबित होगी, क्योंकि इससे फसल पर यलोरस्ट का अटैक होगा।
इससे निपटने के लिए कृषि विभाग ने टीमों का गठन कर दिया है। यह भी निर्देश जारी किए हैं कि रोग की रोकथाम के लिए किसानों को 50 फीसदी पर कीटनाशक दी जाएगी। रोग के ताजा स्टेटस की जांच को केंद्र से भी एक टीम आई है, जिसने रिपोर्ट बना ली है।
जानकारी के अनुसार जम्मू में कुल 2.5 लाख हेक्टेयर पर गेहूं की फसल लगाई गई है। इसमें से 250 से अधिक हेक्टेयर पर यलोरस्ट होने की जानकारी विभाग के पास पहुंची है। सबसे अधिक कठुआ जिले में असर पड़ा है। यहां 200 हेक्टेयर एरिया प्रभावित हुआ है। सांबा में करीब 40 हेक्टेयर एरिया प्रभावित हुआ है। जम्मू जिले में इसका असर कम है।
आने वाले दिन में खतरा
मौसम विभाग ने 16,17 और 18 फरवरी को बारिश की संभावना जताई है। यदि बारिश होती है तो यह बीमारी और अधिक फैलेगी। दरअसल, गेहूं की फसल को फरवरी महीने में 22 डिग्री से अधिक का तापमान चाहिए होता है। यलोरस्ट 5 से 22 डिग्री के नीचे तापमान रहने पर अपना असर करती है।
अभी तक तापमान 18 डिग्री से ऊपर नहीं पहुंच सका है। इसकी वजह से यलोरस्ट फैल रहा है। बारिश होने पर यह और अधिक फैलेगा। एक ऐसी बीमारी है, जो एक खेत से दूसरे खेत में चली जाती है। चेन बनकर यह बीमारी गेहूं की फसल को प्रभावित करती है।
केंद्रीय टीम ने किया दौरा
केंद्रीय गेहूं रिसर्च मंत्रालय के दो वैज्ञानिकों और शेर-ए- कश्मीर कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक की टीम ने कठुआ जिले का दौरा कर यलोरस्ट पर रिपोर्ट बनाई है। यह रिपोर्ट केंद्र को सौंपी जाएगी। इसके बाद तय किया जाएगा कि इसे लेकर क्या किया जाना है।
टीमों का गठन, जागरूकता शुरू
कृषि विभाग के निदेशक, एसएस जंबाल का कहना है कि रोग की रोकथाम के लिए टीमों का गठन किया है। किसानों को जागरूक किया जा रहा है।