कश्मीरी पंडितों के लिए अलग से टाउनशिप बनाने की योजना का विरोध कर रहे जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता यासिन मलिक 30 घंटे की भूख हड़ताल पर चले गए है।
शनिवार को सुबह यासिन मलिक अपने 30 समर्थकों संग भूख हड़ताल की शुरूआत की। यासिन मलिक ने कहा कि यहां लोगों के साथ रहने की परंपरा है, जहां लोग गांवों और शहरों में एकसाथ रहते हैं।
मलिक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने कश्मीरी पंडितों के लिए अलग कालोनी बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसका मतलब है कि सरकार चाहती है कि वे लोग डर के माहौल में रहे।
मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की यह परंपरा हैं कि यहां हिंदू-मुसलमान और सिख साथ-साथ रहते हैं, इसलिए कश्मीरी पंडितों के लिए अलग से रहने की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। पिछले पांच-छह साल में कई कश्मीरी पंडित वापस घाटी में आ गये हैं और सबके साथ मिलजुलकर रह रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहममद सईद ने स्पष्ट किया कि था कि जो इजरायल में हुआ वह कश्मीर में नहीं दोहराया जाएगा। कश्मीर में पंडितों को अलग से नहीं बल्कि समाज में उनके अपने घरों में ही बसाया जाए।