पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कश्मीर मसले के स्थायी समाधान के लिए उम्मीद बनाए रखने पर जोर दिया है। घाटी में दौरे पर आए सिन्हा ने एक होटल में विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के बाद कहा कि अब तक जितने भी लोगों से बातचीत हुई है, उससे कश्मीर मसले के हल को लेकर उम्मीद और उत्सुकता दोनों नजर आई है।
उन्होंने कहा कि वह लोग जो खराब हालात से आर्थिक तौर पर पिस रहे हैं, वह भी अपने नुकसान को एक तरफ रुख यह कहते दिखाई दिए कि कश्मीर मसले का किसी तरीके से एक बार समाधान निकले।
सिन्हा के अनुसार लोग जब अपनी बात रखते हैं तो जाहिर तौर पर उनमें गुस्सा है, लेकिन इसके बावजूद हमने उन्हें शांति से और बड़े गौर से सुना, क्योंकि उनकी भावनाएं कद्र के काबिल हैं।
'बातचीत ही कश्मीर मसले का हल'
यशवंत सिन्हा
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सिन्हा ने कहा कि कश्मीर मसला बंदूक की गोली से नहीं, बल्कि प्यार की बोली से ही निकाला जा सकता है। बातचीत ही एक मात्र समाधान है कश्मीर मसले का। उन्होंने कहा कि इन तीन दिनों में उनकी जिस किसी के साथ भी बातचीत हुई है, वह अच्छे माहौल में हुई है।
वह यह नहीं कह सकते कि उनके यहां आने से क्या हल निकलेगा, लेकिन कश्मीर कि जनता को यह जरूर यकीन दिला सकते हैं कि सब कुछ ठीक होगा। लिहाजा उम्मीद बरकरार रहनी चाहिए।
उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अतीत में विफल होने का यह मतलब नहीं है कि कश्मीर के लोगों से बात करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सिन्हा ने कहा कि क्या इंसान वह काम करना छोड़ देता है, जिसमे वह विफल होता है ? हमें बातचीत कर किसी समाधान तक पहुंचने की जरूरत है।