लद्दाख के चुमार सेक्टर में चीनी घुसपैठ पर भारत के कड़ा रुख अपनाने के बाद चीन की सेना में शीर्ष स्तर पर हलचल पैदा हो गई है। हाल में भारत दौरे से लौटे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएलए के ‘व्यवहार’ पर कड़ी नाराजगी जताई है।
सोमवार को पीएलए मुख्यालय को कड़ी फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति वह पूर्ण वफादारी दिखाए। उन्होंने कहा कि पीएलए यह सुनिश्चित करे कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किए गए सभी निर्णयों का पूरी तरह से पालन हो।
ऐसी खबर है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग पीएलए में अहम फेरबदल करते हुए अपने तीन करीबी जनरलों को शीर्ष पदों पर बैठा दिया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक चीन के सेंट्रल मिलिट्री कमान के प्रमुख और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव जिनपिंग ने कहा कि सैन्य कमांडरों को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सुरक्षा से जुड़े हालात की बेहतर समझ होनी चाहिए और पीएलए के सभी बलों को राष्ट्रपति के निर्णयों का पालन करना चाहिए।
भारत और चीन की सेना करीब 10 दिन से आमने-सामने
राष्ट्रपति ने हालांकि यह भी कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में पीएलए को युद्ध तैयारियों को बेहतर और एक क्षेत्रीय जंग को जीतने की अपनी क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राष्ट्रपति ने पूरी वफादारी और निर्देशों के पालन पर इतना जोर क्यों दिया है। लेकिन उनका यह बयान उस वक्त आया है जब लद्दाख के चुमार सेक्टर में एलएसी पर भारत और चीन की सेना करीब 10 दिन से आमने-सामने है।
तनाव की यह स्थिति रविवार को उस वक्त और गंभीर हो गई जब पीएलए के सैनिक भारतीय सीमा के भीतर सात टेंट लगा दिए। उन्होंने अभी तक भारतीय सीमा से लौटने का कोई संकेत नहीं दिया है।
61 वर्षीय शी चीन के इतिहास में माओ, डेंग शियोपिंग के बाद सबसे ताकतवर कम्युनिस्ट नेता हैं। राष्ट्रपति बनने के पहले दिन से ही वह सीपीसी और सेना के भी प्रमुख हैं, जबकि इनसे पहले राष्ट्रपति रहे हू जिंताओ को ऐसी ताकत प्राप्त नहीं थी।
सेना प्रमुख जनरल सुहाग ने भूटान यात्रा रद्द की
चुमार में चीनी घुसपैठ को लेकर बने तनाव की स्थिति को देखते हुए थल सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने अपनी चार दिवसीय भूटान यात्रा रद्द कर दी है।
वह सोमवार को भूटान रवाना होने वाले थे। चुमार में पिछले 10 दिनों से दोनों देशों की सेना आमने-सामने है। चीनी सैनिकों ने एक दिन पहले रविवार को भारतीय इलाके में सात और टेंट लगा दिए थे जिससे तनाव और गंभीर हो गया था।
एलएसी को लेकर समझ में अंतर : पीएलए
लद्दाख के चुमार सेक्टर में तनावपूर्ण स्थिति को लेकर चीन की सेना ने पहली बार कहा है कि एलएसी को लेकर दोनों देश की समझ में अंतर है, लेकिन दोनों पक्ष बातचीत के जरिए सीमा विवाद को सुलझा सकते हैं।
चुमार सेक्टर में पीएलए के सैनिकों की घुसपैठ पर चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इतिहास ने चीन-भारत सीमा विवाद को अनसुलझा छोड़ा है। दोनों देशों के बीच सीमा अब तक तय नहीं की गई है और एलएसी को लेकर दोनों देशों की समझ में अंतर है।