अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विश्व नर्सिंग दिवस पर शुक्रवार को प्रदेशभर के अस्पतालों में महान नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। वरिष्ठ नर्सों को क्राउन पहनाकर सम्मानित करने के साथ नर्सिंग स्टाफ की हौसला अफजाई की जाएगी। दूसरी ओर, शहर के अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी बनी है। डीआरडीओ स्टाफ जाने के बाद जीएमसी, राज्य कैंसर संस्थान, एसएमजीएस और एमसीएच (जच्चा बच्चा) अस्पताल अधिक प्रभावित हैं। नया स्टाफ न आने से इमरजेंसी और अन्य यूनिटों को किसी तरह चलाया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर नर्सिंग एसोसिएशन की प्रधान पवनजीत कौर ने कहा कि रोगी चिकित्सा देखभाल को और बेहतर बनाने के लिए नए पद सृजित होने चाहिए। सीनियर स्टाफ नर्स सीमा डोगरा ने कहा कि रोगी चिकित्सा देखभाल में नर्सिंग स्टाफ रीढ़ की तरह है। एसोसिएटेड अस्पतालों में एसएमजीएस, जीएमसी, सीडी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में फुल मेटरन का पद 1990 के बाद से खाली है और सहायक मेटरन से काम चलाया जा रहा है। इसलिए फुल मेटरन का पद भरा जाए। सीनियर स्टाफ नर्स साइमा नाज ने कहा कि प्रदेश के कई अन्य अस्पतालों में नर्सिंग पदों के नाम बदल दिए गए, लेकिन एसोसिएटेड अस्पतालों में ऐसा नहीं हो पाया। सीनियर स्टाफ नर्स को नर्सिंग अफसर, सुपरवाइजर को नर्सिंग उप अधीक्षक और मेटरन को नर्सिंग अधीक्षक का दर्जा दिया जाता है। नर्सिंग स्टाफ के पदों का नाम बदलने से सम्मान बढ़ेगा। सीनियर स्टाफ नर्स शबनम ने कहा कि स्टाफ की समस्याओं और मांगों को प्राथमिकता पर हल किया जाना चाहिए। वहीं, स्टाफ की बात करें तो अनुबंधित 150 डीआरडीओ स्टाफ की एसोसिएटेड अस्पतालों में सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इनमें 70 प्रतिशत नर्सिंग स्टाफ था।