विशेष बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शुरू किया गया समावेशी शिक्षा अभियान अब उनके लिए वरदान साबित हो रहा है। समावेशी शिक्षा के तहत विशेष बच्चे न सिर्फ शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, बल्कि उन्हें शारीरिक और मानसिक दुर्बलता से लड़ने के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।
अभियान के तहत प्रदेश के समग्र शिक्षा निदेशालय ने 2018 से अब तक 35 हजार से अधिक विशेष बच्चों का प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में दाखिल किया है, जहां इन बच्चों को विशेष संसाधन कक्ष में पढ़ाया जाता है। समावेशी शिक्षा को 2018 में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) और राष्ट्रीय मध्यम शिक्षा अभियान (आरएमएसए) योजनाओं के प्रमुख घटक के रूप में लांच किया गया था। इसके बाद से नियमित से रूप से यह काम कर रहा है।
जम्मू में प्रोजेक्ट निदेशक समग्र शिक्षा अरुण मन्हास ने कहा कि 2018 के बाद से 35000 विशेष बच्चों का स्कूलों में दाखिला किया गया है। इसके साथ इन बच्चों को शिक्षा देने के लिए स्कूलों में विशेष अध्यापकों को भी नियुक्त किया है। वर्तमान में प्रदेश के हर जिले में तीन-तीन स्कूलों में संसाधन कक्ष बनाए गए हैं, इसमें दो प्राथमिक और एक माध्यमिक विद्यालयों में केंद्र है। विशेष बच्चों की पढ़ाई के लिए टेक्टाइल रीडर और लैपटॉप खरीदे गए हैं।
विश्व ब्रेल दिवस
विश्वभर में चार जनवरी को अंतरराष्ट्रीय ब्रेल दिवस मनाया जाता है। प्रति वर्ष विश्व ब्रेल दिवस लुई ब्रेल जयंती पर उन्हें याद करने के लिए मनाया जाता है। समग्र शिक्षा की ओर से इस पर सोमवार को ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया।