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जम्मू-कश्मीरः स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा मजबूत करने के लिए विश्व बैंक देगा 367 करोड़ 

Thu, 17 Sep 2020 01:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/श्रीनगर

सार

  • सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाओं के लिए जुटाए जाएंगे साधन 
  • जेटीएफआरपी के तहत 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद पर जताई सहमति
  • प्रशासनिक परिषद की बैठक में उपराज्यपाल ने परियोजना को दी मंजूरी   
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य संस्थानों को विश्व बैंक की मदद से और बेहतर बनाया जाएगा ताकि मरीजों को यहां उम्दा स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके लिए विश्व बैंक 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 3 अरब 67 करोड़ 51 लाख स 55 हजार भारतीय रुपये) की मदद उपलब्ध कराएगा। 

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यह मदद विश्व बैंक की सहायता प्राप्त परियोजना झेलम तवी फ्लड रिकवरी प्रोजेक्ट (जेटीएफआरपी) के एक हिस्से में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और पुनर्वास के तहत मिलेगी। जिसे प्रदेश में कोविड संकट और आपात परिस्थितियों के लिए प्रयोग में लाया जाएगा। श्रीनगर में बुधवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद (एसी) की बैठक में इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दी गई। 

विश्व बैंक से मिलने वाली मदद से जिला स्तर पर गहन देखभाल इकाइयों / ऑपरेशन थिएटरों, प्रयोगशालाओं, पावर बैक अप सिस्टम के लिए उपकरण, एसडीएच/सीएचसी स्तर पर मैनिफोल्ड प्रणाली और गैस पाइपलाइनों के लिए उपकरण प्रदान करने, क्रिटिकल केयर एंबुलेंस से स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण पर काम किया जाएगा। 
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जेकेएमएससीएल के माध्यम से होगी क्रिटिकल केयर एंबुलेंस की खरीद
बैठक में जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से अस्पतालों के लिए क्रिटिकल केयर एंबुलेंस सहित उपकरणों की खरीद और स्थापना को मंजूरी दी गई। 

मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग गैस पाइप लाइन स्थापित करेगा
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के माध्यम से जम्मू और कश्मीर के प्रस्तावित एसडीएच/ सीएचसी में मैनिफोल्ड और गैस पाइपलाइन प्रणाली को स्थापित किया जाएगा। 

इस तरह निकाला रास्ता
विश्व बैंक की सहायता प्राप्त परियोजना जेटीएफआरपी में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और पुनर्वास के उद्देश्य से सात घटक हैं। इसका एक घटक आकस्मिक आपातकाल परिस्थितियां हैं। जम्मू कश्मीर में कोविड-19 के तहत ऐसे आपात हालात का प्रावधान बनाया गया है। इसके कार्यान्वयन के लिए जम्मू कश्मीर चिकित्सा आपूर्ति निगम को परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) के रूप में शामिल किया गया है। विश्व बैंक के तहत स्वीकृत इस नई परियोजना की मदद से केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थान कोविड महामारी से निपटने के अलावा उन्नत उपकरणों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सक्षम होंगे।

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