पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेकां के कार्यकारी प्रधान उमर अब्दुल्ला ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव के इम्तिहान के लिए तैयार हो जाने की रविवार को हिदायत दी। उन्होंने कहा कि आगामी महीनों में जम्मू संभाग में यहां पंचायती चुनाव का एक इम्तिहान है। वहीं कश्मीर संभाग में पंचायती चुनाव के अलावा दूसरा इम्तिहान लोकसभा की दो सीटों पर चुनाव जीतने का भी रहेगा।
शेर-ए-कश्मीर भवन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पूर्व मंत्रियों की मौजूदगी में जम्मू संभाग के ब्लाक प्रधान और सचिवों के एक दिवसीय अधिवेशन में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि साल 2014 में रियासत में विधानसभा चुनाव के नतीजों में खंडित जनादेश मिला। नेकां को 15 सीटें मिलीं, लेकिन पार्टी ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने के बजाय विपक्ष में बैठना सही समझा।
उन्होंने कहा कि पीडीपी ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई, लेकिन रियासत में खराब सुरक्षा परिदृश्य और जन समस्याओं में इजाफे को देखते हुए रियासत की जनता परेशान है। उन्होंने कहा पिछले दो साल में पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार और करीब तीन साल से केंद्र की मोदी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की सरकार के समय में शुरू की गई परियोजनाओं का उद्घाटन ही किया है।
मौजूदा सरकार पीएम पैकेज के तहत 80 हजार करोड़ रुपये के पैकेज को जमीन पर दिखाने में नाकाम रही है। बिजली और पेयजल की हालात खस्ता है। स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र भी दयनीय स्थिति में है। राशन के दाम बढ़ा दिए।