सांबा के एआरटीओ विभाग में रिश्वत लिए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। डीसी शीतल नंदा के पास भी दो शिकायतें पहुंची थी। इस पर उन्होंने स्थानीय तहसीलदार एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए। इसके तहत टीम एआरटीओ कार्यालय पहुंची और योजना के तहत एक व्यक्ति को विभाग की महिला कर्मचारी के पास लाइसेंस बनवाने के लिए भेजा।
इस पर उक्त महिला ने अपने एजेंट को राशि लेने के लिए। इसके साथ ही तहसीलदार और पुलिस थाना प्रभारी ने उक्त महिला कर्मचारी को रिश्वत के आरोप में रंगे हाथों पकड़ लिया और जांच के लिए थाने लेकर गए। उधर डीसी सांबा शीतल नंदा ने कहा कि भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें शिकायतें मिल रही थी कि एआरटीओ विभाग में बिना रिश्वत के काम नहीं हो रहे हैं।
इस पर वीरवार को योजना के तहत कार्रवाई की गई है। उधर पुलिस अधिकारियों के अनुसार कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं महिला कर्मचारी के रिश्वत के आरोप में पकड़े जाने पर सभी कार्यालयों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अमर उजाला ने पहले ही खबर छापी थी कि सरकारी कार्यालयों में बिना धन के कोई काम नहीं हो रहे हैं।
इस पर जिला प्रशासन ने उचित कदम उठाया है। इसकी हर ओर सराहना की गई। पहली बार जिला प्रशासन ने रिश्वत के आरोप में महिला कर्मचारी को पकड़ा है।