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Jammu News: चूल्हे-चौके से बाहर निकलकर अपनाया डेयरी कारोबार .... जम्मू की सुषमा और जोशना ने पेश की सफलता की मिसाल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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जम्मू। बदलते समय के साथ विभिन्न कार्यक्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। आज महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों तक सीमित न रहकर डेयरी व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर वे न सिर्फ आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं बल्कि समाज में पहचान भी बना रही हैं। जम्मू की कई महिलाएं चूल्हे-चौके से बाहर निकलकर डेयरी व्यवसाय को अपनाकर आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तीकरण की मिसाल बनी हैं। इनमें कुछ लघु स्तर पर तो कई बड़े स्तर पर कार्य को संभाल रही हैं।

मढ़ की सुषमा देवी इसका उदाहरण हैं। करीब सात वर्ष पहले छोटे स्तर से डेयरी कार्य शुरू करने वाली सुषमा ने मेहनत से काम का विस्तार किया। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) उम्मीद से जुड़कर उन्होंने डेयरी उत्पादों की प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण लिया। छोटी सी शुरुआत करने वाली सुषमा के पास आज लगभग 500 से अधिक मवेशी हैं और उन्होंने डेयरी उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए एफपीओ प्लांट भी स्थापित किए हैं। समूह से 300 से अधिक महिला सदस्य जुड़ी हुई हैं।
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ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्टर से बढ़ाई आमदन
कान्नाचक्क की जोशना लगभग तीन वर्षों से डेयरी व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं। उम्मीद मिशन से जुड़कर उन्होंने आसपास के क्षेत्रों में डेयरी कार्य को बढ़ावा दिया है। वह इलाके में ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्टर (एएमसी) चला रही हैं। जोशना का कहना है कि इस कार्य से वे न केवल आत्मनिर्भर हुई हैं बल्कि अपने परिवार को भी आर्थिक रूप से बड़ा सहयोग प्रदान कर रही हैं। महिलाओं का मानना है कि धैर्य और कड़ी मेहनत से किसी भी क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती है।
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