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J&K: राजस्व को चूना लगा रहे गैर परमिट वाहन, टूरिस्ट स्थलों पर जा रहे गैर व्यावसायिक वाहन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Wed, 16 Jan 2019 08:38 PM IST

सार

  • टूरिस्ट फेडरेशन ने परिवहन विभाग और राज्यपाल तक पहुंचाया मामला
  • कई सरकारी विभागों में भी ऐसे वाहनों का हो रहा इस्तेमाल
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- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के सड़कों पर दौड़ने वाले निजी वाहन सरकारी खजाने को चूना लगा रहे हैं। इससे न सिर्फ राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि रियासत में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा से खिलवाड़ भी हो रहा है। दरअसल, हजारों निजी वाहनों का इस्तेमाल बाहर से आने वाले पर्यटकों को घुमाने में किया जा रहा है। 

जम्मू कश्मीर में कुल 37 हजार टूरिस्ट वाहन हैं। जो परिवहन विभाग से पंजीकृत हैं। इन वाहनों में टैक्सी, सूमो, इनोवा, तवेरा आदि वाहन शामिल हैं। यही वाहन राज्य में आने वाले पर्यटकों को पर्यटन स्थलों पर लेकर जाते हैं। लेकिन इस समय जम्मू-कश्मीर में करीब पांच हजार वाहन हैं, जिनके पास परमिट नहीं। 


कुछ लोग अपने वाहनों का बिना परमिट के ही इस्तेमाल कर रहे हैं। जम्मू के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट के पास ही ये वाहन मंडराते रहते हैं। जैसे ही पर्यटक पहुंचते हैं, ये लोग उनसे सेटिंग कर लेते हैं। अपना परिवार बताकर ये लोग पर्यटन स्थलों की ओर चले जाते हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के सड़कों पर दौड़ने वाले निजी वाहन सरकारी खजाने को चूना लगा रहे हैं। इससे न सिर्फ राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि रियासत में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा से खिलवाड़ भी हो रहा है। दरअसल, हजारों निजी वाहनों का इस्तेमाल बाहर से आने वाले पर्यटकों को घुमाने में किया जा रहा है। 

जम्मू कश्मीर में कुल 37 हजार टूरिस्ट वाहन हैं। जो परिवहन विभाग से पंजीकृत हैं। इन वाहनों में टैक्सी, सूमो, इनोवा, तवेरा आदि वाहन शामिल हैं। यही वाहन राज्य में आने वाले पर्यटकों को पर्यटन स्थलों पर लेकर जाते हैं। लेकिन इस समय जम्मू-कश्मीर में करीब पांच हजार वाहन हैं, जिनके पास परमिट नहीं। 

कुछ लोग अपने वाहनों का बिना परमिट के ही इस्तेमाल कर रहे हैं। जम्मू के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट के पास ही ये वाहन मंडराते रहते हैं। जैसे ही पर्यटक पहुंचते हैं, ये लोग उनसे सेटिंग कर लेते हैं। अपना परिवार बताकर ये लोग पर्यटन स्थलों की ओर चले जाते हैं। 

हमने कई बार शिकायत की
कई बार परिवहन विभाग से शिकायत की गई है। विभाग के आयुक्त और प्रधान सचिव को इसकी जानकारी दी गई। यहां तक कि राज्यपाल के सलाहकार से भी बात की गई कि इस मसले पर राज्यपाल से उनकी मुलाकात कराएं। लेकिन अभी तक कोई रिस्पांस नहीं आया है। न ही परिवहन विभाग के अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई हो रही है। - अंचल सिंह, टूरिस्ट टैक्सी फेडरेशन, प्रधान

बस गाड़ी का नंबर बता दें
हमारे पास तो इसकी कोई जानकारी नहीं है। यदि टूरिस्ट फेडरेशन वालों की ऐसी कोई शिकायत है तो वे लोग प्राइवेट वाहनों का नंबर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर कार्यालय में बताएं। निश्चित तौर पर वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई होगी। -एसपी वैद, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, जेएंडके 
 
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