जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के सड़कों पर दौड़ने वाले निजी वाहन सरकारी खजाने को चूना लगा रहे हैं। इससे न सिर्फ राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि रियासत में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा से खिलवाड़ भी हो रहा है। दरअसल, हजारों निजी वाहनों का इस्तेमाल बाहर से आने वाले पर्यटकों को घुमाने में किया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर में कुल 37 हजार टूरिस्ट वाहन हैं। जो परिवहन विभाग से पंजीकृत हैं। इन वाहनों में टैक्सी, सूमो, इनोवा, तवेरा आदि वाहन शामिल हैं। यही वाहन राज्य में आने वाले पर्यटकों को पर्यटन स्थलों पर लेकर जाते हैं। लेकिन इस समय जम्मू-कश्मीर में करीब पांच हजार वाहन हैं, जिनके पास परमिट नहीं।
कुछ लोग अपने वाहनों का बिना परमिट के ही इस्तेमाल कर रहे हैं। जम्मू के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट के पास ही ये वाहन मंडराते रहते हैं। जैसे ही पर्यटक पहुंचते हैं, ये लोग उनसे सेटिंग कर लेते हैं। अपना परिवार बताकर ये लोग पर्यटन स्थलों की ओर चले जाते हैं।