स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कोविड-19 से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि सेना की मदद से श्रीनगर में 250 बेड का अस्थायी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य निदेशालय कश्मीर से जरूरी मदद दी जाएगी। इसी तरह जम्मू में भी एक अस्पताल स्थापित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जरूरी प्रबंधों को सुनिश्चित बनाया जाए।
उधर, जम्मू कश्मीर में पॉजिटिव मामलों और उनके संपर्क में आने वाले लोगों को देखते हुए सरकार ने जम्मू कश्मीर में 77 रेड जोन घोषित किए हैं। इसमें जम्मू संभाग में 12 और कश्मीर में 65 जोन शामिल हैं। प्रदेश के प्रवेशदार लखनपुर में मजबूत स्क्रीनिंग तंत्र विकसित किया गया है, इसमें अब तक 5000 लोगों को क्वारंटीन किया जा चुका है।
सरकार की प्राथमिकता है कि विदेश यात्रा, धार्मिक समूह और उनके संपर्क में आने वाले लोगों की तत्काल शिनाख्त की जाए। इसमें 98 फीसदी मामलों की शिनाख्त हो गई है। 70 फीसदी लक्षण वाले मामलों में पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। सैंपल टेस्टिंग व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है। जिसमें टेस्टिंग की क्षमता को दोगुना किया गया है।
सरकार ने प्रदेश में 16 स्टैंडलोन/समर्पित कोविड-19 अस्पताल स्थापित किए हैं। इसमें 1525 से आइसोलेशन बेडों की क्षमता बढ़ाकर 2596 की गई है। सरकार ने 1938 अस्पताल केयर बेड और 24926 नान हास्पिटल क्वारंटीन बेड स्थापित किए हैं।
सेना की मदद से जम्मू और कश्मीर में 500 बेड की क्षमता वाला अस्थायी अस्पताल स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। कोविड लड़ाई में करीब 120 सेवानिवृत्त डॉक्टरों की अनुबंध नियुक्ति की गई है। किटाणुनाशक टनल को 6 अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों, लखनपुर, जवाहर टनल में स्थापित किया गया है। किसानों को राहत दी गई है।