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शीत पर्यटन पर बाढ़ की तबाही का ग्रहण

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जम्मू कश्मीर में विंटर टूरिज्म पर बाढ़ की तबाही का ग्रहण लग सकता है। शीत पर्यटन स्थलों पर मौसम की पहली बर्फबारी हो चुकी है लेकिन पर्यटकों का टोटा है। बाढ़ की तबाही के बाद पर्यटक अब तक जम्मू कश्मीर की ओर रुख नहीं कर रहे हैं। पहले से कराई गई तमाम बुकिंग रद्द हो चुकी हैं। श्रीनगर समेत घाटी के अन्य पर्यटन स्थल अब तक तैयार नहीं हो पाए हैं।
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बाढ़ के बाद श्रीनगर में प्रभावित होटलों को तीन माह तक के लिए एहतियातन बंद किया गया था। महामारी की आशंका के मद्देनजर ऐसे कदम उठाए गए थे। अब इन होटलों को फिर से खोलने की कवायद चल रही है। कुछ होटल खुल भी गए हैं लेकिन पर्यटक कश्मीर के बजाय हिमाचल प्रदेश को तरजीह दे रहे हैं।

शरद ऋतु में घाटी में पर्यटन उद्योग ठप रहा। रियासत सरकार ने पर्यटकों को श्रीनगर नहीं आने की सलाह दी थी। राजबाग के इलाके के होटलों में दो मंजिलों तक पानी भरा था। डल लेक के किनारे वाले होटलों की भी पहली मंजिल पानी में डूब गई थी। कई होटलों की दीवारों में दरारें आई है।
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श्रीनगर में भी होटलों की हालत अच्छी नहीं

सीवरेज से लेकर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी चौपट हुई। ऐसे में होटल मालिकों ने भी कोई जोखिम नहीं लेते हुए सवा महीने तक होटलों को बंद रखा। लगभग पांच सौ होटलों में ताला लटक गया। पर्यटन उद्योग को बाढ़ से लगभग पांच हजार करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा। इस मार के बाद पर्यटन व्यवसाय अब तक खड़ा नहीं हो पाया है।

विंटर टूरिज्म में मुख्य रूप से गुलमर्ग, सोनमर्ग, यशमर्ग, दूधपथरी और पीरपंजाल रेंज पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है। गुलमर्ग में विंटर स्पोर्ट्स में देश-विदेश के पर्यटकों की आमद होती रही है। स्कीइंग मुख्य आकर्षण होता है। इस बार अब तक विंटर पर्यटन के कार्यक्रम तक घोषित नहीं हो पाए हैं।

गुलमर्ग में पर्यटकों के ठहरने के लिए होटलों की कमी है। अधिकांश पर्यटक श्रीनगर को केंद्र बनाकर गुलमर्ग आते रहे हैं। इस बार श्रीनगर में भी होटलों की हालत अच्छी नहीं है। इस कारण गुलमर्ग का शीत पर्यटन भी प्रभावित होने के आसार दिख रहे हैं।
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दीपावली के बाद पर्यटकों को आमंत्रित करेंगे: मीर

पर्यटन मंत्री गुलाम अहमद मीर का कहना है कि दीपावली के बाद देश-विदेश के पर्यटकों को विधिवत शीत पर्यटन के लिए आमंत्रित किया जाएगा। पर्यटकों में घबराहट थी कि बाढ़ के बाद महामारी फैल सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पर्यटन विभाग ने सभी स्थलों पर सर्व कराया है। हर हफ्ते रिपोर्ट ली जा रही है।

कहीं से बीमारी फैलने की खबर नहीं है। यह राहत की बात है। बाढ़ से घाटी समेत जम्मू संभाग का पर्यटन भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। माता वैष्णो देवी की यात्रा भी शून्य पर पहुंच गई। इससे उबरने में वक्त लग रहा है। विंटर टूरिज्म के लिए सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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