रियासत में गठबंधन सरकार में सहभागी भाजपा ने अलगाववादी नेता मसर्रत आलम को रिहा करने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि पीडीपी के साथ उनका तालमेल नहीं बैठेगा, तो वह अपना फैसला सुना देंगे। सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर ने कहा कि भाजपा मंत्रियों और विधायकों की मीटिंग हो रही है, उसमें पार्टी का स्टैंड स्पष्ट कर दिया जाएगा।
उक्त फैसला लेने से पहले भाजपा के मंत्रियों और विधायकों को पूछा तक नहीं गया। जुगल किशोर ने कहा कि अलगाववादी को रिहा करने का कदम उठाने से पहले न तो उनसे परामर्श किया गया और न ही सहमति ली गई। यदि वे इस मामले में भाजपा से पूछते तो हम इस फैसले के विरोध में होते। सांसद ने कहा कि आज भी वे इस फैसले के खिलाफ हैं।
सांसद जुगल किशोर दशहरा ग्राउंड में आयोजित विश्व हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। जुगल ने कहा कि वर्ष 2010 में मसर्रत सौ से ज्यादा लोगों की मौत का जिम्मेदार है। वह हमेशा भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है और उसे रिहा किया जा रहा है।
यदि आप इस तरह अलगाववादियों को रिहा करते रहेंगे तो उनकी गतिविधियां ऐसे ही जारी रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस साझा न्यूनतम कार्यक्रम पर गठबंधन सरकार चल रही है, उसमें यह मुद्दे शामिल नहीं हैं। भाजपा अपना स्टैंड पीडीपी को स्पष्ट कर देगी। भाजपा किसी पार्टी पर निर्भर नहीं है।