पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला वीरवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पीडीपी-भाजपा सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने दोनों दलों के गठबंधन एजेंडे पर सवाल खड़े करते हुए एक के बाद एक तीखे वार किए।
कश्मीर मसले के हल के लिए हुरिर्यत से बातचीत करने की गठबंधन सरकार की मंशा पर भी उमर ने सवाल उठाए।
उमर ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुर्रियत और पाकिस्तान से बातचीत के लिए संसद से 1994 में पारित प्रस्ताव बदलने वाले हैं? उन्होंने कहा कि हुर्रियत से बातचीत की गठबंधन एजेंडे में चर्चा दरअसल लोगों की आंख में धूल झोंकने जैसा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोकसभा में कहा है कि संसद में पारित सभी प्रस्ताव पूरी तरह लागू किए जाएंगे। संसद ने 22 फरवरी 1994 को प्रस्ताव पारित करते हुए पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने की निंदा की थी।