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महबूबा की शर्त से बदला सियासी समीकरण: बोलीं- सिर्फ स्टेटहुड नहीं, अनुच्छेद 370 की बहाली भी हो आंदोलन का एजेंडा

Sat, 18 Jul 2026 04:17 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी पार्टी 20 जुलाई को नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन में तभी शामिल होगी, जब अनुच्छेद 370 की बहाली, राजनीतिक बंदियों की रिहाई और जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध हटाने की मांग भी एजेंडे में शामिल हो।
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सीएम उमर अब्दुल्ला और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के विरोध प्रदर्शन को लेकर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि उनकी पार्टी केवल राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) बहाल करने की मांग को लेकर होने वाले प्रदर्शन में शामिल नहीं होगी।

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महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यदि प्रदर्शन के एजेंडे में अनुच्छेद 370 की बहाली, राजनीतिक बंदियों की रिहाई और जमात-ए-इस्लामी पर लगे प्रतिबंध को हटाने जैसी मांगों को भी शामिल किया जाता है, तभी पीडीपी इस आंदोलन में हिस्सा लेने पर विचार करेगी।

उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को लिखे पत्र में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं को केवल राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग तक सीमित करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, ऐसा करना 5 अगस्त 2019 को लिए गए फैसले को अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार करने जैसा होगा।

महबूबा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की पहचान और लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि राज्य के दर्जे की बहाली के साथ-साथ उन सभी राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों को भी उठाया जाना चाहिए, जो लोगों के अधिकारों और भविष्य से जुड़े हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और डॉ. फारूक अब्दुल्ला से सभी राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी अपील की। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के सामने मौजूद विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा और साझा रणनीति बनाने की जरूरत है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों को शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।
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