फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अटल की नीतियों से ही होगा कश्मीर का विकास

विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा है कि रियासत से भ्रष्टाचार खत्म करना उनकी पहली प्राथमिकता है। सीएम पद की शपथ लेने के बाद प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अफसरों को अपनी कार्यशैली बदलनी होगी।
विज्ञापन


वह भ्रष्टाचार को समाप्त करेंगे लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की तरह लोगों को मोबाइल से स्टिंग आपरेशन करने की सलाह नहीं देंगे।

मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर में अमन और विकास के लिए पाकिस्तान से वार्ता के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने हुर्रियत से भी वार्ता शुरू करने पर जोर दिया।

सज्जाद लोन ने मुख्य धारा में लौटने की पहल की है। भविष्य में कुछ और लोग ऐसा कर सकते हैं।

मुफ्ती ने क्रास एलओसी ट्रेड के विस्तार पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें कहा है कि वह विदेश सचिव को पाकिस्तान भेज रहे हैं। हमारी बातचीत में पाकिस्तान का मुद्दा उठा।
विज्ञापन


पहले लोग कह रहे थे कि पाकिस्तान से वार्ता विदेश नीति का मामला है। हमने कहा कि कठुआ से कारगिल तक कोई भी आंतकी घटना होती है तो कश्मीर प्रभावित होता है।

हम प्रभावित होते हैं इसलिए हमें इस पर विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि दो माह की बातचीत के बाद गठबंधन एजेंडा बना है। इसमें और तीन माह लग जाते तो भी हम इंतजार करते।
विज्ञापन

'अटल ने युद्ध के दौरान भी सब्र नहीं खोया'

इस गठबंधन का भविष्य उज्जवल है। पीडीपी और भाजपा का मिलन उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव का मिलन है। भाजपा से गठबंधन हमारी मजबूरी नहीं है। भाजपा को जम्मू में जनादेश मिला है। उसके 26 विधायक हैं।

नरेन्द्र मोदी भारी बहुमत से प्रधानमंत्री बने हैं। इसलिए उनसे गठबंधन जनादेश का तकाजा था। मुफ्ती ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को महान राजनेता बताया।

उन्होंने कहा कि वाजपेयी से इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत की नीति से रियासत का विकास होगा। वाजपेयी की नीतियों को आगे बढ़ाना होगा। वाजपेयी ने करगिल युद्ध और पार्लियामेंट पर महले के दौरान भी सब्र नहीं खोया।

मुप्ती ने कहा कश्मीर को देश से जोड़ने की बात होती है। हम पहले इसे जम्मू से जोड़ना चाहते हैं। इसके लिए इतिहास ने हमें मौका दिया है।

उन्होंने रियासत को विकास का माडल बनाने और सुशासन का वादा भी किया। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को एम्स और आईआईएम देने के लिए बधाई भी दी।

अफस्पा पर नरमी के बारे में पूछे जाने पर मुफ्ती ने कहा कि यह एक प्रक्रिया के तहत होगा। वह यूनिफाइड कमांड के मुखिया के रूप में भी इस पर फैसले ले सकते हैं।

एक मुठभेड़ में सेना ने अपनी गलती मानी और मुआवजे की बात कही। यह सकारात्मक कदम है। मुफ्ती ने जम्मू के पर्यटन विकास और इस क्षेत्र में हाईटेक उद्योग लगाने का वादा भी किया।

उन्होंने कहा कि वह दिल्ली दौरे के क्रम में सोनिया गांधी, शरद पवार, गुलाम नबी आजाद और मनमोहन सिंह से भी मिले। वह सबको साथ लेकर रियासत का विकास चाहते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें