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चुनौती भरे होंगे आने वाले दिन: आजाद

Sun, 14 Sep 2014 02:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
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पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद आपदा का दूसरा चरण चुनौतीपूर्ण होगा। पानी घटने के बाद महामारी का खतरा बन जाता है।
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केंद्र और राज्य सरकार को पहले से ही ऐसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयारी करनी चाहिए। बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद आजाद ने ‘अमर उजाला’ से कहा कि इसके लिए बड़ी संख्या में डाक्टरों और दवाईयों की व्यवस्था करनी होगी। इसके बाद तीसरे चरण में राहत और पुनर्वास का दौर शुरू होगा।

जम्मू-कश्मीर के इतिहास की सबसे बड़ी आपदा में लाखों लोग अपना सब कुछ खो चुके हैं। उन्हें फिर से बसाने के लिए युद्ध स्तर पर काम होना चाहिए। आजाद ने केंद्र सरकार द्वारा उठज्ञए गए कदमों की सराहना की। आजाद ने कहा कि यह आफत कश्मीर पर ही नहीं, बल्कि मानवता पर संकट बनकर आई है। संकट के क्षणों में योगदान कर रहे लोगों का कोई धर्म या मजहब नहीं है।
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सभी एजेंसियां अच्छा काम कर रही हैं। भले वह सेना हो या फिर एनडीआरएफ या अन्य एजेंसियां। सरकार और राजनीतिक नेताओं के प्रति लोगों के गुस्से पर आजाद ने कहा कि ऐसी आपदा में उपलब्ध सीमित संसाधनों में हर शख्स को तत्काल सुविधाएं मुहैया करवाना मुश्किल होता है। कश्मीर की परिस्थितियां भिन्न हैं। मकानों की छत ढलान वाली होती है।

यहां हेलीकाप्टर से खाने के पैकेट फेंकने पर वे छतों से सीधा पानी में जा गिरते हैं। ऐसे में जरूरती सामानों से वंचित रहने वाले लोगों का गुस्सा जायज होता है। बचाव अभियान में पुलिस और प्रशासन के नजर न आने के आरोपों पर आजाद ने कहा कि ऐसा नहीं है। पुलिस और प्रशासन के लोग अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह कर रहे हैं।

उनके अपने परिवार भी बाढ़ में फंसे हैं। वह उन्हें भी नहीं निकाल पा रहे हैं। इसलिए यह आरोप गलत हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री का कहना है कि इस आपदा में दस लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
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