नर्सिंग छात्रा की हालत स्थिर, टीम रख रही नजर
प्रेमी से बहस के बाद खुद को पेट्रोल डालकर आग लगाने वाली नर्सिंग छात्रा की हालत स्थिर बताई जा रही है। जीएमसी के इमरजेंसी वार्ड नंबर चार में उसका इलाज चल रहा है। घटना में वह करीब 70 प्रतिशत तक झुलस चुकी है जिस कारण सर्जरी विंग के डॉक्टरों की विशेष टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। शुक्रवार दोपहर को नर्सिंग छात्रा के माता-पिता और चाची सहित अन्य रिश्तेदारों ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर उसका हाल जाना। अस्पताल में गंभीर रूप से झुलसी छात्रा ने थोड़ी बातचीत भी की जिससे परिवार को कुछ राहत मिली है। डॉक्टरों के अनुसार मरीज की हालत में फिलहाल सुधार दिखाई दे रहा है लेकिन उसे कड़ी देखरेख में रखा जाएगा।
प्यार, शिकायत और फिर शादी पॉक्सो केस में जवान को राहत
हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में सेना के जवान को अग्रिम जमानत दी है। यह राहत तब मिली जब शिकायतकर्ता युवती ने बयान दिया कि वह आरोपी से प्रेम करती थी और दबाव में आकर एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला थाना कठुआ में दर्ज एफआईआर में युवती ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने तीन साल तक संबंध बनाए, अश्लील वीडियो दिखाए और निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी। इसके आधार पर पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज हुआ।
जांच के दौरान नया मोड़ आया। युवती ने एसएसपी को दिए आवेदन में कहा कि उसकी शिकायत सही तथ्यों पर आधारित नहीं थी और रिश्तेदारों व पुलिस अधिकारियों के दबाव में एफआईआर कराई थी। बाद में अदालत में हलफनामा देकर बताया कि वह बालिग हो चुकी है और आरोपी से शादी कर चुकी है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश सेखरी के सामने दर्ज बयान में युवती ने कहा कि तीन साल से आरोपी से प्रेम करती थी और अब साथ ही रहना चाहती है। कुछ समय तक आरोपी के फोन नहीं उठाने पर लगा था कि उसके साथ धोखा हुआ है। वह कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती। ट्रायल कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता आरोपी के साथ रहना चाहती है। अदालत ने आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए निर्देश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में उसे 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा किया जाए।