नाम: डॉ. मशरुर अहमद तांत्रेय, पता: कुजर फ्रिसल कुलगाम, शिक्षा: अर्थशास्त्र से पीएचडी। अर्थशास्त्र में पीएचडी करने के बाद प्रोफेसर बनने का सपना था। करीब 13 साल तक कुलगाम के विभिन्न डिग्री कॉलेेजों में पढ़ाने के बाद सरकारी बंदिशों के चलते ख्वाब पूरा नहीं हुआ तोे खुद का बिजनेस करने का फैसला किया। कुलगाम में ही ड्राई फ्रूट की दुकान खोल लिए और नाम रखा ‘पीएचडी ड्राई फ्रूट’ वाले।
अपने इस नए धंधे से खुश डॉ. मशरुर कहते हैं कि प्रोफेसर नहीं बन सका तोे क्या हुआ अब ‘पीएचडी ड्राई फ्रूट’ ही मेरी पहचान बनेेगी। कुलगाम में हाॅस्पिटल रोड स्थित मेन मार्केट मेंं सड़क किनारे दुकान लगाने वाले डॉ. मशरुर बताते हैं कि 2011 में उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन मध्य प्रदेश से अर्थशास्त्र विषय से पीएचडी की। सभी की तरह उनका भी सपना था कि वह भी असिस्टेंट प्रोफेसर से करियर की शुरुआत करें। लिहाजा अर्थशास्त्र में डिग्री मिलने के बाद उन्होंने कुलगाम में ही पढ़ाना शुरू किया। गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में भी छात्रों को उच्च शिक्षा दी।
डॉ. मशरुर बताते हैं कि डिग्री कॉलेेजोंं मेंं एक वर्ष के लिए संविदा पर नियुक्ति यूूजीसी के मानकोंं के अनुसार होेती थी, लेकिन वेतन उसके मुताबिक नहीं दिया जा रहा था। सिविल सर्विस की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। चूंकि माता-पिता के साथ ही बीबी-बच्चों का भविष्य भी देखना था तो पिछले साल उन्होंने नौकरी छोड़ दी। कुछ दिनोंं तक शोपियां में दोेस्त के साथ दुकान खोले थे। अब पिछलेे आठ माह से कुलगाम मेन मार्केट में खुद की दुकान खोल लिए हैं।
पीएचडी मेरा जुनून था इसलिए ‘पीएचडी ड्राई फ्रूट’ वाला बन गया
डॉ. मशरुर बताते हैं कि पीएचडी करना उनका जुनून था। सपना पूरा हुआ लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उच्च शिक्षा में करियर नहीं बना सका। दुकान खोलने का प्लान बनाए तो पहला और आखिरी नाम ही ‘पीएचडी ड्राई फ्रूट’ वाला सूझा। क्योंकि पीएचडी ही मेरी पहचान है। इस डिग्री को हासिल करने के लिए मैंने 30 साल तक दिन-रात पढ़ाई की। ग्राहक मुझे मशरुर नहीं बल्कि डॉ. मशरुर कहते हैं। बाजार में मेेरी पीएचडी ही मेरा ब्रांड बन गई है।
सिद्धांत : न्यूनतम मुनाफा, ज्यादा बिक्री
‘पीएचडी ड्राई फ्रूट’ के मालिक डॉ. मशरुर कहते हैं कि वह न्यूनतम मुनाफा, ज्यादा बिक्री के नियम पर काम करते हैं। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं। 150-300 रुपये प्रति किलो अखरोेट, मामरा 1013 रुपये प्रति किलो, अंजीर 1050 रुपये प्रति किलो, काजू 900-1100 रुपये प्रति किलो, केसर 300 रुपये प्रति एक ग्राम, शहद 1000 रुपये प्रति किलो के भाव में बेचते हैं। डिमांड पर ऑनलाइन सप्लाई भी करते हैं। इसके अलावा खुद के बनाए गए मसालेे भी उपलब्ध हैं। एमकाम पास पत्नी अस्मा मशरुर काम में उनकी पूरी मदद करती हैं। दोनों बच्चेे और पेशे से किसान माता-पिता भी उनके इस कारोबार से काफी खुश हैं।