जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती कसबा खौड़ में शनिवार को वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी फ्रंट की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय प्रधान लब्बाराम गांधी ने की। इस अवसर पर अनुच्छेद 35ए पर बने गतिरोध पर विचार विमर्श किया गया। सरकार से रिफ्यूजियों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की गई।
बैठक में अनुच्छेद 35ए को खत्म करने की मांग की गई। प्रांतीय प्रधान लब्बाराम गांधी ने कहा वर्तमान जम्मू कश्मीर में सोची समझी साजिश के तहत डोगरों को अनुच्छेद 35ए पर गुमराह किया जा रहा है, वहीं कश्मीर के अलगाववादी इसका समर्थन कर रहे हैं।
उपप्रधान सुखदेव सिंह ने कहा कि आज सभी वर्ग के लोगों को एक संकल्प लेना होगा कि राज्य से अनुच्छेद 35ए को हटाया जाए। तभी जम्मू के लोगों को अपना हक मिलेगा। कुछ लोग जो कश्मीरी हुक्मरानों की चापलूसी करते हैं, वे ही इसका विरोध कर रहे हैं। अनुच्छेद 35ए पर कश्मीर घाटी में जो विवाद हो रहा है, वह मात्र दिखावा है। पिछले कई साल से रिफ्यूजियों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने डोगरों को प्रमाण पत्र बनाने के आदेश को रद्द किया था।