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मूसलाधार बारिश से कई क्षेत्रों में जलभराव, बंसतर पर बने बांध के टूटने की आशंका

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सांबा। भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ बहने वाले बंसतर दरिया में बने सुरक्षा बांध के साथ पानी के बढ़ रहे बहाव से बांध पर खतरा मंडरा रहा था। सोमवार की देर शाम सुरक्षा बांध के टूट गया। बसंतर के किनारे पर सुरक्षा बलों एवं लोगों की सुरक्षा के लिए 6 किलोमीटर मिट्टी का बांध बनाया गया है। अधिक बारिश होने पर पानी के जलस्तर के बढ़ने के साथ बांध के किनारे टूटने लगते हैं।
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गत वर्ष 2019 में बांध का कुछ हिस्सा टूट गया था। इससे 10 गांवों के किसानों की 3000 एकड़ भूमि पर पत्थर व रेत जम गई थी। उनका लाखों का नुकसान हो गया था। वहीं सीमा सुरक्षा बल के बंकरों में पानी घुस गया था। अग्रिम चौकियों में पानी भर गया था। बाद में बांध की मरम्मत भी की गई। जिला प्रशासन की ओर से एडीडीसी तिलक राज शर्मा, डीडीसी सदस्य सर्वजीत सिंह जोहल, तहसीलदार रामगढ़ तरसेम लाल, पुलिस के अधिकारी एसडीआरएफ की टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने किसानों को बांध के किनारों के निकट भूमि पर आने को मना कर दिया। जिला प्रशासन ने बाढ़ वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की लोगों को मनाही कर दी है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम के न. भी जारी किए हैं।
कंट्रोल रूम फोन न. , 01923246915, 01923241004
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पहले ही जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक में कंक्रीट का बांध बनाने के लिए डीपीआर बनाने की मांग की थी। जिस पर 149 करोड़ के फंड की डीपीआर बनाई गई है, ताकि बांध की मरम्मत कराई जा सके।
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-सर्वजीत सिंह जौहल, डीडीसी सदस्य, रामगढ़
हमने सीमावर्ती गांवों का दौरा किया है। बांध क्षेत्र में सभी प्रकार की सतर्कता बरती जा रही है। यदि बांध के टूटने की आशंका बनती है तो ग्रामीणों को कहां पर सुरक्षित ले जाएगा इसके लिए योजना बनाई गई है। उपायुक्तको भी अपनी रिपोर्ट सौंपी गई है।
-तिलक राज शर्मा, एडीडीसी, सांबा
बसंतर नदी का बांध टूटा, 1500 कनाल जमीन बही
रामगढ़। क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्र में बसंतर और देविका बांध सोमवार की सुबह हुई मूसलाधार बारिश के चलते टूट गया। इस कारण रंगून गांव में करीब 1500 कनाल जमीन बह गई। इसमें करीब 300 किसानों ने धान की फसल लगा रखी थी। बताया जाता है बांध टूटने पर बांध का पानी काफी तेज बहाव के साथ आया और खेत की मिट्टी को अपने साथ बहा ले गया।
सोमवार की सुबह हुई बारिश से गांव पखड़ी, कमोर, कमोर कैंप, नगा, रंगूर वरोटा कैंप के किसानों ने यह आशंका जताई थी कि यह बांध काफी कमजोर है। जिस प्रकार की मूसलाधार बारिश हुई है उससे यह आशंका है कि यह बांध टूट सकता है, और इससे सैकड़ों किसानों की फसल को नुकसान हो सकता है। बारिश से भूमि का कटाव भी शुरू हो गया था। पूर्व सरपंच पाला सिंह, हैप्पी रंधावा, जोगिंद्र सिंह, बिकी चौधरी, प्रदीप कुमार, शमशेर सिंह, बलबीर सिंह ने कहा कि कुछ साल से हमारे क्षेत्र में बांध टूटता आ रहा है। दूसरी तरफ देर शाम तक आखिरकार बांध टूट गया। उधर बांध के टूटने से किसानों पर मानो पहाड़ टूट पड़ा हो। उनकी 1500 कनाल भूमि जिसमें उन्होंने धान की फसल लगाई थी, वह सभी बह गई है।
बारिश के कारण लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली
विजयपुर। बारिश के कारण लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। कुछ दिन से लगातार गर्मी पड़ने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। इस बारिश से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। गर्मी के कारण बिजली की भारी कटौती चल रही थी। ऊपर से मक्खी, मच्छर से लोगों का जीना दुश्वार था। दो दिन से पड़ रही बारिश से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। पशु, पक्षियों को भी गर्मी से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्हें भी अब राहत मिली है। किसान वर्ग भी इस बारिश से काफी खुश है। क्योंकि इस समय धान की रोपाई चल रही है। पानी की बहुत जरूरत होती है। इसलिए इस बारिश से हर वर्ग खुश नजर आ रहा है। संवाद
बारिश ने म्यूनिसिपल कमेटी की खोली पोल
बाड़ी ब्राह्मणा। सोमवार को हुई बारिश के चलते बाड़ी ब्राह्मणा म्यूनिसिपल कमेटी की पोल खुलकर सामने आ गई है। हालांकि बारिश इतनी जोरदार नहीं हुई लेकिन उसके बावजूद भी गली नालियों में पानी रुका नजर आया और कई जगह ब्लॉकेज भी हो गई, जिससे आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे के मुख्य बाजार और रेलवे फाटक वाले बाजार में बारिश के कारण गंदगी नालियों से उभर कर बाहर आ गई और जगह-जगह पर पानी जमा हो गया। इसका मुख्य कारण था नालियों की समय पर मरम्मत और सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाना। हालांकि कमेटी कस्बे को स्मार्ट कस्बा बनाने की बात करती रहती है। संवाद
परगवाल में झमाझम बारिश से खेत खलिहान जलमग्न
परगवाल। करीब दो माह से अच्छी बारिश की आस लगाए बैठे किसानों के लिए सोमवार का दिन काफी राहत भरा रहा। यहां सुबह हुई झमाझम बारिश से किसानों के खेत खलिहान लबालब भर गए। नदियां नाले उफान पर रहे। बारिश इतनी ज्यादा हुई कि कुछ समय के लिए कई गांवों का संपर्क टूट गया। गांव छन्नी ताना में तो गलियाें में पानी भरने की खबर है। इससे लोगों को काफी परेशानियां उठाना पड़ीं। हालांकि बाद में बारिश रुक गई, जिसके बाद किसानों ने खेतों में पहुंच कर धान रोपाई कर चुके खेतों का मुआयना किया और खुशी जताई। संवाद
घटता और बढ़ता रहा चिनाब का जलस्तर
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में रविवार रात्रि को कई जगहों पर बारिश होने पर लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम भी सुहाना हो गया। जबकि क्षेत्र में चिनाब दरिया में जलस्तर बढ़ गया। एक हफ्ते से लगातार गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली है। पहाड़ों में बारिश से चिनाब दरिया में सुबह पांच बजे 27 गेज पानी था। सुबह नौ बजे 26, दस बजे 25.6 और 11 बजे 26 गेज और शाम चार बजे 27 गेज हो गया, जो बढ़ रहा था। दरिया का जलस्तर बढ़ने की संभावना पर प्रशासन ने दरिया के किनारे जाने से लोगों को परहेज करना को कहा। बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक्सईएन अनिल गुप्ता ने बताया कि चिनाब का जलस्तर सुबह से बढ़चढ़ रहा है। पहाड़ों में बारिश अधिक होने पर जलस्तर बढ़ने की संभावना है। संवाद
पानी की निकास न होने से गलियां गंदगी से भरी
विजयपुर। चक सलारिया के सरपंच विजय कुमार बाबा ने कहा कि बरसात से पहले ही गांव की गलियों में पानी भरे होने से बरसात जैसा नजारा दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के अधिकतर गांव में कच्ची गलियां होने के कारण पानी की निकास न होने से गलियां गंदगी से भरी हैं। इससे लोगों को निकलने में परेशानी हो रही है। सरपंच ने कहा कि पंचायत पलान तैयार करके बीडीओ को भेज देती है लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं देता। 2019 के पलान की स्वीकृति अभी तक नहीं दी गई। ऐसे में पंचायत काम कैसे करेगी। ऐसा ही हाल रामगढ़ की पंचायतों का है। चक सलारिया के सरपंच बाबा ने उपायुक्त अनुराधा गुप्ता से अपील की है कि वे जल्द से जल्द 2019 के प्लान को स्वीकृति कराएं। संवाद
बारिश से किसानों को राहत, कई स्थानों पर जलभराव से परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा/ मीरां साहिब। उपजिले में सोमवार सुबह मूसलाधार बारिश के चलते किसानों को धान की रोपाई करने के लिए राहत मिली। वहीं कई स्थानों पर जलभराव के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़। कई दिन से किसान बारिश की उम्मीद लगाए थे। घने बादलों के बाद भी बारिश नहीं हो रही थी।
सोमवार तड़के चार-पांच घंट हुई बारिश से किसानों को धान की रोपाई करने के लिए राहत मिली। किसान प्रकाश सिंह का कहना है कि किसानों को इन दिनों नहरी पानी सहित सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस बारिश से किसानों को काफी हद तक राहत मिली है। कस्बे के रमेश चौधरी का कहना है कि बारिश नहीं होने पर उपजिले में कई स्थानों पर इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए लोगों द्वारा हवन यज्ञ कराए गए, ताकि बारिश होने पर पड़ रही गर्मी से राहत मिलने के साथ किसान धान की रोपाई कर सके।
आरएस पुरा की वार्डों व ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव के चलते गलियों व नालों में अधिक पानी के चलते दिनभर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि शाम तक पानी कम होने पर लोगों को काफी हद तक राहत मिली। तहसील बाजार में वर्षों से बारिश होने पर सड़क तालाब बनने पर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। नगर पालिका की ओर से नाले का दोनों ओर चौड़ा करने पर इस बार सड़क तालाब नहीं बनने पर दुकानदारों सहित क्षेत्र के लोगों को राहत मिली।
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गाडीगढ़ के पास वर्षों पुराना पुल टूटा
मीरां साहिब क्षेत्र में विलोल नाले में अधिक पानी आने पर आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। गाडीगढ़ के पास वर्षों पुराना पुल टूटने के साथ पुलिस चौकी के भीतर पानी भर गया। हालत यह थी आसपास बने लोगों के मकानों में भी दोपहर तक पानी भरा रहा। कृषि विश्वविद्यालय चठ्ठा- मीरां साहिब सड़क मार्ग पर बिलोल किनारे बन रहा बिजल विभाग का ग्रिड स्टेशन पानी डूब गया। गांव मरालिया, बन सुल्तान, दरसोपुर, कोटली मिया फत्ता आदि में जलभराव के चलते लोग घरों से पानी निकालते हुए नजर आए।
आंधी से आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचा
विजयपुर। बारिश और आंधी से आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। इस समय फसल पूरी तरह पक गई थी। कुछ लोग उसको उतार कर मंडियों में भेज रहे थे। कंडी क्षेत्र के जोगिंदर कुमार, छोटू राम, दीपक कुमार, सोहन लाल, मदन लाल आदि लोगों ने बताया कि बारिश और आंधी ने फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। तीन दिन से बारिश और आंधी चल रही है, आम की फसल खेतों में गिर गई और काफी नुकसान हुआ है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और मुआवजा देना चाहिए। संवाद
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