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रूकरूक हो रही बारिश से वडी दिक्कते

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रूकरूक हो रही वारिश के चलते खेतो में खडा पानी - फोटो : RSPURA
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आरएस पुरा /मीरां साहिब। पांच दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से लोगों का परेशानियां बढ़ गई हैं। खेतों में अधिक जल भराव के चलते किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार काफी समय बाद बारिश होने पर किसानों को फसल के लिए बेहतर बताई जा रही थी। अब पांच दिन से खेतों में लगाई गेहूं व सब्जियों की फसल के चलते अधिक जलभराव से किसानों को खेतों में पानी की निकासी बनाए रखने की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
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किसान सरदारी लाल का कहना है कि किसानों को बारिश की जरूरत थी। अब पांच दिन से हो रही बारिश के कारण खेतों व गांव व कस्बों के अधिकतर मार्गों पर पानी भरने से किसान व आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपजिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश से जहां मौसम में ठंडक बढ़ गई तो वहीं खेतों व अधिकतर मार्गों में बारिश के पानी से जलभराव हो गया। दूसरी ओर बारिश के चलते कस्बों के दुकानदारों का कारोबार भी मंदी की मार सह रहा है। किराना की दुकान चला रहे अतुल गुप्ता ने कहा कि एक तरफ कोरोना में हो रही बढ़ोतरी सभी लोगों के लिए चिंता बनी हुई है, दूसरी ओर हो रही बारिश के चलते कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
सरपंच रविंद्र सिंह का कहना है कि अधिकतर पंचायतों में पानी की निकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं होने पर लोगों के घरों में पानी भरने पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व सरपंच ओम प्रकाश का कहना है कि उपजिले की कई पंचायतों में ग्रामीणों के मकान कच्चे होने पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवेदन किए चार वर्ष बीत जाने के बाद भी जरूरतमंदों को राशि मुहैया नहीं कराई गई।
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उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले पंचायत जिंदड मेहलू में एक परिवार का बारिश के चलते मकान की छत गिरने पर दो बच्चे व उनकी मां की जान चली गई थी। बाद में ग्रामीण विकास विभाग की ओर से मकान बनाए जाने के लिए नाम होने पर राशि मुहैया कराई थी। उन्होंने कहा कि कई लोगों के कच्चे मकानों की छतों से पानी टपकने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए जिन लोगों ने आवेदन किया है उन्हें शीघ्र राशि मुहैया कराई जाए ताकि बारिश होने पर किसी प्रकार की अनहोनी न घटे।
राहत वन गई आफत
परगवाल। कुछ दिन पहले शुरू हुई बारिश को किसान गेहूं की फसल के लिए वरदान मान रहे थे। कुछ दिन से लगातार रुक-रुक कर हुई बारिश से किसान चिंता में पड़ गया है। क्योंकि उनके खेतों में पानी जमा हो गया है। इसमें उनकी गेहूं की फसल लगी है। ज्यादातर किसानों का कहना है कि ज्यादा बारिश गेहूं की फसल को खराब कर सकती है। स्थानीय किसान सुभाष सिंह, बलवान सिंह, रतन सिंह ने कहा कि उनके निचले खेतों में खडी़ गेहूं की फसल बारिश के पानी में डूबी है। इसको लेकर वह चिंतित हैं। उनका कहना था कि वह भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि मौसम साफ हो जाए, जिससे उनको थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। वहीं दूसरी तरफ बारिश से किसान वर्ग चिंतित दिख रहा है वहीं आम लोग भी चिंतित हैं। संवाद
खेतों में भरा बारिश का पानी
गेहूं तथा सरसों की फसल पर संकट, बारिश से मकान की दीवार ढही
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। पांच दिन से जारी बारिश से जहां कंडी क्षेत्र के किसानों में खुशी है। वहीं खौड़ के मैदानी तथा निचले इलाके में बारिश का पानी भरने से किसानों के लिए गेहूं तथा सरसों की फसल के लिए खतरा बन गया है।
शनिवार शाम को बारिश के रुकने पर मैदानी क्षेत्र के किसानों ने चैन की सांस ली। किसानों का कहना है कि उनके खेत पानी से भर गये हैं। बीजी गई गेहूं तथा सरसों की फसल दब गई है, जिससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। खेतों में लगातार अधिक दिन तक पानी रहने से फसल पीली पड़ सकती है। किसान विजय कुमार शर्मा, केवल सिंह तथा देवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें डर है कि कहीं खेतों में अधिक दिन तक पानी रहने से गेहूं की फसल येलोरेस्ट जैसी खतरनाक बीमारी के भेंट चढ़ सकती है। दूसरी तरफ फसल को बचाने के लिये किसान खेतों से बारिश के पानी निकालने में जुटेे हैं।
बारिश से हुई एक अन्य घटना में खौड़ के गांव कलीठ में एक मकान की दीवार घिर गई। इससे कोई नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन परिवार सहम गया है। इस विषय में मकान मालिक मिठी भाऊ ने बताया कि रात को जब जोरदार बारिश हो रही थी, तो उन्हें एक जोरदार आवाज आई। जब देखा तो मकान की दीवार ढह गई थी, तब हम लोग पूरी तरह से डर गये और परिवार को लेकर सुरक्षित स्थान पर चले गये।
क्षेत्र के नाले और खड्ढे भी उफान पर
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। तापमान में गिरावट होने पर लोगों को कई प्रकार की दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के नाले और खड्ढे भी उफान पर रहें। चिनाब दरिया का जलस्तर बढ़ गया है।
शनिवार सुबह से ही बारिश और तूफान से लोगों को कई दिक्कतों का समाना करना पड़ा। रात्रि को तेज हवा से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप रही। अखनूर में बिजली की आपूर्ति 12 घंटे बाद शुरू हुई। हालांकि कई गांवों में देर शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। बारिश से क्षेत्र के नाले और खड्ड उफान पर रहे। वहीं चिनाब दरिया का जलस्तर बढ़ने लगा। तापमान में गिरावट के चलते लोगों को दिक्कतों का समाना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि लगातार बारिश से गेहूं की फसलों को भी नुकसान हुआ है।
किसानों में मचा हड़कंप
गेहूं फसल खेतों में डूबी, नालों के जल स्तर में भी बढ़ोतरी
अरनिया। लगातार हो रही बारिश से किसानों में हड़कंप मचना शुरू हो गया है। क्षेत्र से होकर गुजरने वाले नालों के जल स्तर में बढ़ोतरी शुरू हो गई है।
मंगलवार से हो रही बारिश शनिवार को भी जारी रही, जिससे पशु चारे सहित गेहूं फसल खेतों में ही डूब गई। किसानों के अनुसार हालांकि बीते चार दिन से बारिश का हो रही है। शुक्रवार देर रात से जारी बारिश ने हम किसानों को चिंता में डाल दिया है। झमाझम बारिश होने से नालों के जल स्तर में बढ़ोतरी हुई। वहीं गेहूं के खेत पानी में डूब चुके हैं, जिससे इस फसल को लेकर किसानों में हड़कंप मचा हुआ है। कहा, बीते चार दिन की बनिस्बत शनिवार को सबसे अधिक बारिश हुई, जिसका विपरीत असर गेहूं फसल पर पड़ेगा, क्योंकि यह फसल सबसे नाजुक होती है, और यह ज्यादा नमी सहन नहीं कर सकती, जिससे हमारा नुकसान तय है। इसका असर मौसम साफ होते ही दिखना शुरू हो जाएगा।
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देर शाम खबर लिखे जाने तक घने बादल छाए थे और बूंदाबांदी जारी रही।
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