संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। शहर में 26 अगस्त को बाढ़ से हुई तबाही ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। आपदा के दस दिन बाद भी लोग घर-गृहस्थी संभालने में जुटे हुए हैं। कई इलाकों में बिजली-पानी की समस्या बरकरार है।
प्रभावित लोगों का कहना है कि एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, न तो इलाके में पर्याप्त पानी मिल रहा है और न ही बिजली ढांचे को पूरी तरह से दुरुस्त किया गया है। राजीव नगर में केंद्र की टीम का आना प्रस्तावित है, जो आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा कर नुकसान का जायजा लेगी। टीम कब पहुंचेगी पता नहीं।
लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी आए और दूर से ही जायजा लेकर चले गए। राजीव नगर के विजय सिंह का कहना है कि तवी पुल स्थित मंदिर के पास जमीन धंसने से पानी के पाइप टूट गए हैं। इससे इलाके में पानी नहीं आ रहा। बिजली भी बीच-बीच में गुल हो रही है। बैंक खातों की सूची मांगी गई है, लेकिन कोई घरों के अंदर जाकर नुकसान तो देखे।
गुज्जर नगर के आसिफ भट्ट का कहना है कि राहत कार्य धीमी गति से चल रहा है। गलियों से मलबा उठाने के लिए एक दिन छोड़कर जेसीबी आ रही है। आसिम शेख ने बताया कि प्रशासन को मलबा निकालने के उचित प्रबंध करने चाहिए। चार फुट तक मलबा है।
तवी चौथे पुल के पास धंसी सड़क दूसरी ट्यूब में भी पड़ी दरारें।संवाद