फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: मुसीबतें कम नहीं...जम्मू संभाग में तीन दिन बिजली-पानी संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
कई जिलों में रोजाना आठ घंटे बिजली आपूर्ति ठप रहेगी, जिलावार बिजली लोड बढ़ाने के लिए ट्रांसमिशन सर्किट की मरम्मत होगी
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बारिश और बाढ़ से परेशान लोगों का दर्द कम नहीं हुआ था कि बिजली-पानी का संकट फिर से उनका इम्तिहान लेगा। बिजली आपूर्ति को पूरी तरह से बहाल करने के लिए विद्युत विभाग छह से आठ सितंबर तक रोजाना आठ-आठ घंटे का शटडाउन लेगा। इसमें सुबह 9 से शाम 5 बजे तक आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली नहीं होने से पानी का भी संकट रहेगा। इस दौरान 220 केवी डी/सी बर्न-किश्नपुर ट्रांसमिशन लाइन (सर्किट -2) की मरम्मत का काम किया जाएगा। विभाग के अनुसार जम्मू शहर के लगभग सभी हिस्सों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
बारिश और बाढ़ थमने के बाद लोग अपने घर सहेजने में लगे हैं, वहीं बिजली की चुनौती अब भी बरकरार है। भारी बारिश और बाढ़ से संभाग के ज्यादातर हिस्सों में बिजली ढांचा बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। बर्न किश्नपुर में सर्किट-1 को दुरुस्त करके बिजली आपूर्ति बहाल की गई है, लेकिन पर्याप्त लोड नहीं दिया जा रहा है। दोनों सर्किट के बहाल होने पर आपूर्ति पूरी तरह से बहाल होगी।
विज्ञापन

मुख्य अभियंता (ट्रांसमिशन), जेकेपीटीसीएल जम्मू की ओर से जारी शेड्यूल में सर्किट 2 की मरम्मत के लिए अगले तीन दिन रोजाना आठ घंटे का शटडाउन रहेगा। इस अवधि में ग्रिड स्टेशन कनाल, पौनीचक्क, बर्न, कटड़ा, रियासी, अखनूर, ज्यौड़ियां, राजोरी, सियोट, कालाकोट, द्रबा, चंदक, झज्जर कोटली सहित अन्य क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मौसम में बदलाव की सूरत में शटडाउन के शेड्यूल में बदलाव किया जा सकता है।
-
जम्मू शहर में बिजली आपूर्ति लगभग बहाल कर दी गई है। पीरखो, गुज्जर नगर जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के कुछ घरों में करंट दौड़ने की आशंका से अभी आपूर्ति नहीं की जा रही है। इन इलाकों में अभी भी कुछ स्थानों पर पानी और कीचड़ जमा है।
केके थापा, मुख्य अभियंता, विद्युत विभाग
सैकड़ों ट्रक खड़े, चार दिन बाद भी बहाल नहीं हो पाया जम्मू-श्रीनगर हाईवे

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग चार दिन बाद भी बहाल नहीं हो पाया है। दोनों तरफ से रास्ते में सैकड़ों ट्रक खड़े हैं। कश्मीर से सड़क संपर्क कटे होने से घाटी में जरूरी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति पर भी असर दिख रहा है। संभाग के विभिन्न जिलों में दर्जनों संपर्क मार्ग भी प्रभावित हैं। बिजली-पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण जम्मू जिले का गड़खाल–परगवाल मार्ग तबाह हो गया है। इस संपर्क मार्ग के कट जाने से 25 गांवों की 24,000 आबादी प्रभावित है।
मौसम साफ हुआ तो पारा उछला
प्रदेश में लगातार दूसरे दिन भी मौसम साफ रहने से शुक्रवार को तपिश का अहसास हुआ। जम्मू समेत कई जिलों में पारे में उछाल आया है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 7-8 सितंबर को कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, लेकिन बड़ा फेरबदल नहीं होगा।
विज्ञापन

झेलम का जलस्तर घटा...पुरमंडल में चार मकान ढहे
राजधानी श्रीनगर के महजूर नगर और जवाहर नगर के लोगों ने खौफ के साय तले बांध पर रात गुजारी। लोगों के अनुसार बांध में दरार आने के खतरे से सभी की नींद उड़ी है। मौसम में सुधार के बाद घाटी में झेलम नदी और अन्य जलाशयों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे गया है। पुरमंडल के सदराल गांव के चार मकान गिर गए हैं। श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा 11वें दिन भी बंद रही। वहीं सुरक्षा जांच के बाद ही जम्मू संभाग में सरकारी व निजी स्कूल खोलने पर फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें